Dantewada Bijapur Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती जंगली इलाकों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में पुलिस ने भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एक सक्रिय और खूंखार नक्सली को मार गिराया है। मारे गए नक्सली की पहचान राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो संगठन में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिससे माओवादी खेमे को बड़ा झटका लगा है।
खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त ऑपरेशन की शुरुआत
नक्सलियों की मौजूदगी और हथियारों के जखीरे की सटीक सूचना मिलने के बाद इस ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई। 3 मार्च 2026 को पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि थाना गीदम के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच स्थित घने पहाड़ी जंगलों में नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और रसद सामग्री डंप की है। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
डीआरजी और बस्तर फाइटर्स का रणनीतिक नेतृत्व
ऑपरेशन का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) राहुल कुमार उइके ने किया। इस विशेष टीम में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स के अनुभवी जवानों को शामिल किया गया था। सुरक्षा बलों की टीम पूरी सावधानी के साथ घने जंगलों की ओर रवाना हुई। जवानों का लक्ष्य न केवल डंप किए गए हथियारों को बरामद करना था, बल्कि इलाके में छिपे माओवादियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना भी था।
नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किया गया हमला
दोपहर करीब 12:30 बजे से ही सुरक्षा बल संभावित ठिकानों की घेराबंदी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच, भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस पार्टी पर घात लगाकर हमला कर दिया। नक्सलियों ने जवानों को देखते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों का मुख्य उद्देश्य जवानों पर अचानक हमला कर उनके आधुनिक हथियार लूटना था।
जवानों की जवाबी कार्रवाई और नक्सलियों का पलायन
अचानक हुई फायरिंग के बावजूद जवानों ने संयम नहीं खोया और तुरंत मोर्चा संभाल लिया। पुलिस की ओर से माओवादियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई, लेकिन नक्सलियों ने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू की। पुलिस की प्रभावी और सटीक कार्रवाई से नक्सली दबाव में आ गए। घने जंगल और रात के अंधेरे का लाभ उठाते हुए कई माओवादी मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन जवानों ने घेराबंदी जारी रखी।
तलाशी अभियान में शव और अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी
मुठभेड़ थमने के बाद जब सुरक्षा बलों ने इलाके की सघन तलाशी ली, तो वहां एक पुरुष नक्सली का शव बरामद हुआ। शव के पास ही भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा मिला, जिसमें एक SLR रायफल, एक INSAS रायफल, एक पिस्टल (मैगजीन सहित), और एक वॉकी-टॉकी सेट शामिल था। इसके अलावा मौके से छह SLR जिंदा राउंड, पांच इंसास जिंदा राउंड और भारी मात्रा में अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है।
इनामी नक्सली राजेश पुनेम की पहचान और आपराधिक इतिहास
बरामद शव की पहचान आत्मसमर्पित नक्सलियों की मदद से राजेश पुनेम के रूप में की गई है। राजेश बीजापुर जिले के ग्राम बुरजी का निवासी था और भैरमगढ़ एरिया कमेटी में एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) के पद पर तैनात था। शासन ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह क्षेत्र में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा था और उसकी मौत से इलाके में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने में बड़ी मदद मिलेगी।
















