Dantewada BJP: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं। गीदम के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारी और लॉज मालिक चांडकमल सोनी ने जिला अध्यक्ष पर मारपीट, किराया न देने और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त होने के दावे किए हैं। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और पीड़ित व्यापारी ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
किराया मांगने पर मारपीट और पद का दुरुपयोग
पीड़ित व्यापारी चांडकमल सोनी के अनुसार, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने उनकी लॉज ‘जेआर पैलेस’ में पिछले 2-3 वर्षों से एक हॉल और एक कॉम्प्लेक्स किराए पर ले रखा है। यहाँ संतोष गुप्ता ‘गणपति रेस्टोरेंट’ और एक फास्ट फूड कैफे का संचालन करते हैं। व्यापारी का आरोप है कि करीब 35 से 40 हजार रुपये मासिक किराया तय हुआ था, लेकिन जब से संतोष गुप्ता जिला अध्यक्ष बने हैं, उन्होंने किराया देना बंद कर दिया है। पीड़ित का कहना है कि जब भी उन्होंने अपने हक के पैसे मांगे, तो जिला अध्यक्ष ने अपने राजनीतिक रसूख और पद की ताकत का डर दिखाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की और उनके साथ बदसलूकी व मारपीट की।
लॉज के चौथी मंजिल पर संदिग्ध गतिविधियों का दावा
चांडकमल सोनी ने केवल आर्थिक शोषण का ही आरोप नहीं लगाया, बल्कि जिला अध्यक्ष के चरित्र पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि लॉज में काम करने वाले कर्मचारियों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से उन्हें पता चला कि संतोष गुप्ता अक्सर शाम 4 से 6 बजे के बीच किसी अज्ञात युवती के साथ लॉज की चौथी मंजिल पर जाते थे। व्यापारी ने कहा कि वह एक हृदय रोगी (Heart Patient) हैं और अपनी संपत्ति पर इस तरह की अनैतिक गतिविधियों की जानकारी मिलने से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इन घटनाओं के पुख्ता डिजिटल सबूत मौजूद हैं।
विवाद पहुंचा थाना: कांग्रेस और पीड़ित एक साथ
मारपीट और अपमान से क्षुब्ध होकर सर्राफा व्यापारी चांडकमल सोनी ने राजनीतिक समर्थन के साथ गीदम थाने में दस्तक दी। वे कांग्रेस नेताओं के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराने पहुंचे और मांग की कि सत्तापक्ष के दबाव में आए बिना पुलिस निष्पक्ष जांच करे। व्यापारी ने अपनी प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष की हरकतों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है ताकि उन पर दोबारा हमला न हो सके।
भाजपा जिला अध्यक्ष का पलटवार: मानहानि का दावा
दूसरी ओर, इन तमाम आरोपों को भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और उनकी छवि खराब करने की एक साजिश करार दिया है। संतोष गुप्ता का कहना है कि उन पर लगाए गए मारपीट और अनैतिकता के दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अपनी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को बचाने के लिए व्यापारी के खिलाफ न्यायालय में मानहानि (Defamation) का मुकदमा दर्ज कराएंगे। जिला अध्यक्ष के मुताबिक, यह सब उन्हें पद से हटाने या कमजोर करने की विपक्ष की चाल है।
व्यापारिक प्रतिष्ठा और राजनीतिक साख दांव पर
इस घटना ने दंतेवाड़ा की राजनीति और व्यापारिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक तरफ एक बुजुर्ग व्यापारी है जो अपनी संपत्ति और सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ जिले का एक प्रभावशाली राजनीतिक चेहरा है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इस मामले की सच्चाई जो भी हो, लेकिन इसने दंतेवाड़ा में सत्ता और सामान्य नागरिक के बीच के टकराव को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
















