Dantewada DSP Attack: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुकमा में पदस्थ डीएसपी (DSP) तोमेश वर्मा पर दंतेवाड़ा में दिन-दहाड़े जानलेवा हमला किया गया है। हमलावर ने फिल्मी अंदाज में सुकमा से दंतेवाड़ा तक डीएसपी का पीछा किया और मौका मिलते ही उनके गले पर चाकू से वार कर दिया। इस घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
Dantewada DSP Attack: सुकमा से दंतेवाड़ा तक पीछा और फिर खूनी हमला
जानकारी के अनुसार, सुकमा में तैनात डीएसपी तोमेश वर्मा शुक्रवार को किसी आधिकारिक और अदालती कार्य के सिलसिले में दंतेवाड़ा आए थे। हमलावर युवक सुकमा से ही उनके पीछे लगा हुआ था। जैसे ही डीएसपी दंतेवाड़ा के आंवराभाटा स्थित टीवीएस शोरूम के पास पहुँचे, हमलावर ने उन्हें अकेला पाकर पीछे से वार कर दिया। आरोपी ने सीधे उनके गले को निशाना बनाया, जिससे डीएसपी को गंभीर चोट आई है। घटना स्थल पर मौजूद लोग इस अचानक हुए हमले से सन्न रह गए।
Dantewada DSP Attack: घायल अधिकारी अस्पताल में भर्ती, आरोपी हिरासत में
हमले के तुरंत बाद डीएसपी तोमेश वर्मा को लहूलुहान हालत में दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम तत्काल उनके उपचार में जुट गई। ताजा अपडेट के अनुसार, डीएसपी के गले में गहरा जख्म है, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, हमले के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके के पास से ही दबोच लिया।
कौन है हमलावर और क्या है पूरा विवाद?
दंतेवाड़ा पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर थाने में पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान रविशंकर साहू के रूप में हुई है, जो दुर्ग जिले का रहने वाला है। जांच में पता चला है कि रविशंकर साहू एक युवती, रजनीशा वर्मा के साथ सुकमा आया था और वहां से लगातार डीएसपी की लोकेशन ट्रैक कर रहा था। पुलिस ने आरोपी युवक और युवती दोनों को हिरासत में ले लिया है।
पुरानी रंजिश और कोर्ट केस से जुड़े तार
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि हमले के पीछे का कारण आपसी रंजिश हो सकता है। डीएसपी तोमेश वर्मा और आरोपी पक्ष के बीच दुर्ग जिले की एक अदालत में पुराना कानूनी प्रकरण चल रहा है। माना जा रहा है कि इसी अदालती विवाद के कारण उपजे आक्रोश में रविशंकर ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह हमला पूर्व नियोजित था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
पुलिस विभाग में सुरक्षा पर उठे सवाल
एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) पर इस तरह सार्वजनिक स्थान पर हमला होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, आरोपी रविशंकर साहू से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि हमले की असली वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर के पास चाकू कहाँ से आया और क्या उसे स्थानीय स्तर पर किसी ने मदद की थी। दंतेवाड़ा और सुकमा पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। डीएसपी तोमेश वर्मा की हालत स्थिर है, लेकिन यह घटना साबित करती है कि निजी विवाद किस तरह कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं।
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