दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच अब NIA करेगी
Delhi Car Blast: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को एक भयावह कार ब्लास्ट हुआ, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई। इस धमाके ने न केवल लोगों की जान ली, बल्कि आसपास की 3 कारों को भी अपनी चपेट में ले लिया। धमाके के बाद भड़की आग ने आसपास के दुकानों और शोरूम के शीशों को भी तोड़ दिया। पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, और घटना के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
घटना के बारे में नई जानकारी सामने आई है कि जिस कार में धमाका हुआ, वह i20 मॉडल की थी। जांच में पता चला कि कार पार्किंग में खड़ी थी और कुछ घंटों बाद उसमें धमाका हुआ। 10 नवंबर को सुबह करीब 8 बजकर 4 मिनट पर यह i20 कार बदरपुर टोल से दिल्ली में दाखिल हुई। इसके बाद, यह ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास देखी गई, जहां पेट्रोल पंप से तेल भरवाया गया। पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज से यह भी पता चला कि ड्राइवर ने कार की नंबर प्लेट को साफ किया था, जो जांचकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कार की मूवमेंट दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हुई। पेट्रोल पंप से तेल भरवाने के बाद, कार दरियागंज, कश्मीरी गेट, सुनहरी मस्जिद और सुभाष मार्ग से होते हुए लाल किले के पास पार्किंग में पहुंची। यहां कार करीब 3 घंटे तक खड़ी रही। बाद में, जब कार पार्किंग से बाहर निकली, तो करीब साढ़े 6 बजे उसमें धमाका हुआ। यह धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और 10 लोगों की जान चली गई।
पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए दिल्ली में लगे लगभग 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इन फुटेज से यह पता चला कि कार का मालिक देवेंद्र सिंह था, जिसने डेढ़ साल पहले फरीदाबाद के रॉयल कार जोन नामक शोरूम से यह कार खरीदी थी। इसके पहले, यह कार सलमान मलिक नाम के एक व्यक्ति के पास थी। पुलिस ने शोरूम के डीलर से संपर्क किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला, जिससे शोरूम के मालिक की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने जांच के दौरान यह भी पता लगाया कि इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर नबी था, जो खुद इस धमाके में मारा गया। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर उमर नबी ने इस धमाके की साजिश रची थी, और कार को खुद ही चला रहा था। हालांकि, धमाके की असल वजह क्या थी, इस बारे में अभी और जांच चल रही है। लेकिन यह बात साफ हो गई है कि उमर नबी का इस हमले में हाथ था और उसने इसे अंजाम दिया।
दिल्ली में लाल किले के पास हुए इस धमाके के बाद, पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से अहम सबूत भी जुटाए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के नेतृत्व में जांच की प्रक्रिया जारी है।
धमाका इतना जबरदस्त था कि आस-पास के शोरूम और दुकानों के शीशे टूट गए, और कई कारों को नुकसान हुआ। इसकी वजह से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को काबू में किया और क्षेत्र को सील कर दिया। जांच जारी है, और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच कर साजिश के असली सूत्रधारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने इस विस्फोट के पीछे की साजिश को उजागर करने के लिए पूरी कोशिश की है। एक ओर जहां जांच जारी है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटा जा सके। दिल्ली में हुए इस दर्दनाक धमाके ने न केवल सुरक्षा सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शहर में आतंकवाद और साजिशों के खतरों की चेतावनी भी दी है।
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