Kal ka mausam
Kal ka mausam: भारत में सर्दियों का मौसम अब अपने चरम पर पहुँच चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रकृति के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहाँ घना कोहरा लोगों की सुबह की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी कुछ दिनों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें शीतलहर और कम दृश्यता को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम जैसे इलाकों में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुँच जाने के कारण सड़कों और हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दृश्यता कम होने से न केवल सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि कई ट्रेनों और उड़ानों के समय में भी बदलाव करना पड़ा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का यह सितम जारी रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में इस समय हाड़ कपाने वाली ठंड पड़ रही है। अमृतसर जैसे शहरों में रविवार को न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे पूरा इलाका शीतलहर की चपेट में है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। रात और सुबह के समय शीत लहर के चलने से बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण फिलहाल पंजाब-हरियाणा में ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
पूर्वी भारत के राज्य झारखंड में शीतलहर का कहर लगातार जारी है। राज्य के मध्य और उत्तर-पूर्वी जिलों में रात के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। हालांकि, दोपहर में खिली धूप से लोगों को कुछ घंटों की राहत मिल रही है, लेकिन सूरज ढलते ही ठिठुरन बढ़ जाती है। वहीं दक्षिण भारत के तेलंगाना में भी ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है, जिससे रातें और अधिक सर्द हो जाएंगी।
घाटी में ठंड का प्रकोप सबसे अधिक देखा जा रहा है। सोनमर्ग फिलहाल कश्मीर का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहाँ तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से 23 और 24 जनवरी के बीच दक्षिण कश्मीर, चिनाब घाटी और पीर-पंजाल के इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। सैलानियों और स्थानीय निवासियों को ऊँचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि भारी हिमपात से संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं।
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