Delhi-NCR Weather
Delhi New Year Weather: नए साल के आगमन के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को प्रकृति की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर जहाँ कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं ने राजधानी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के ‘गंभीर’ स्तर ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हालांकि फिलहाल तापमान कुछ हद तक स्थिर है, लेकिन 3 जनवरी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का नया दौर शुरू होने वाला है। दिल्ली में वर्तमान में हल्का कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जो नए साल के जश्न और बाहरी आयोजनों की योजना बनाने वालों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, 28 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक दिल्ली-एनसीआर के तापमान में बहुत बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि 1 और 2 जनवरी की रात को न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, विभाग ने कुछ चुनिंदा (आइसोलेटेड) इलाकों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसका अर्थ यह है कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में एक समान शीतलहर तो नहीं होगी, लेकिन कुछ खास पॉकेट्स में हड्डियां कंपा देने वाली ठंड महसूस की जाएगी।
ठंड के साथ-साथ दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों में प्रदूषण ने ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। 28 दिसंबर के आंकड़ों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 569 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अन्य शहरों का हाल और भी बुरा है; नोएडा में AQI 682 और गाजियाबाद में यह आंकड़ा 691 तक पहुंच गया है। गुरुग्राम (499) और ग्रेटर नोएडा (595) में भी हवा जहरीली बनी हुई है। करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं प्रदूषण के इन कणों को वातावरण में और ज्यादा प्रभावी बना रही हैं, जिससे दृश्यता के साथ-साथ सांस लेना भी दूषित हो गया है।
मौसम में आने वाले बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण पहाड़ों पर सक्रिय हो रहे ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) हैं। विभाग के अनुसार, दो लगातार विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं—पहला 28 दिसंबर को और दूसरा 30 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और बारिश होने की प्रबल संभावना है। जहाँ एक तरफ पर्यटक इस बर्फबारी का लुत्फ उठा सकेंगे, वहीं दूसरी तरफ इससे निकलने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों को और ठंडा करेंगी। उत्तरी पंजाब में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहेगा।
जैसे ही पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर थमेगा, वहां से आने वाली सीधी उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिल्ली-एनसीआर के तापमान में भारी गिरावट लाएंगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 जनवरी से दिल्ली में कड़ाके की ठंड का असली रूप दिखाई देगा। तापमान में अचानक कमी आने से ठिठुरन बढ़ेगी और कोहरा और घना हो सकता है। केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी साल के अंत तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग नए साल के जश्न के दौरान ठंड और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्याप्त सावधानी बरतें।
Sanjay Dutt Pakistani Fan Gift: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त की लोकप्रियता की सीमाएं…
Singrauli Adani Power Plant: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक बेहद तनावपूर्ण खबर सामने…
Ambikapur Ganja Smuggling: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने…
PM Modi on Rani Rashmoni: आगामी चुनावों की सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने…
Team India at Siddhivinayak: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय…
Bihar Crime: बिहार के सारण जिले के डोरनी (डेरनी) इलाके से एक रूह कंपा देने…
This website uses cookies.