Dhamtari
Dhamtari : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व एक बार फिर सुर्खियों में है। रविवार की देर रात सीतानदी अभ्यारण्य के पास सड़क किनारे दो तेंदुओं को एक साथ विचरण करते हुए देखा गया। यह नजारा तब सामने आया जब वन विभाग की एक टीम नियमित गश्त पर निकली थी। घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़क पर एक नर और एक मादा तेंदुए को साथ देखकर टीम के सदस्य भी हैरान रह गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बिना समय गंवाए इन तेंदुओं की दुर्लभ तस्वीरों को अपने कैमरों में कैद कर लिया। यह घटना दर्शाती है कि इस संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों की आबादी न केवल सुरक्षित है, बल्कि वे सक्रिय रूप से अपने प्राकृतिक आवास में फल-फूल रहे हैं।
यह वाकया तब हुआ जब सीतानदी अभ्यारण्य की एसडीओ (SDO) टीम देर रात जंगल के आंतरिक क्षेत्रों का निरीक्षण करने निकली थी। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है और यहाँ अक्सर वन्य प्राणी जंगल की सीमाओं से बाहर सड़क या मानवीय बस्तियों के करीब आ जाते हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से वन विभाग की टीमें रात के समय नियमित रूप से गश्त करती हैं। इसी निरीक्षण के दौरान सड़क के किनारे अंधेरे में चमकती आंखों ने टीम का ध्यान खींचा, जो बाद में दो पूर्ण विकसित तेंदुए निकले।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के डीएफओ (DFO) वरुण जैन ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रविवार रात जब एसडीओ अपनी टीम के साथ गश्त पर थे, तब नर और मादा तेंदुए का जोड़ा एक साथ घूमता हुआ पाया गया। तेंदुओं की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से आसपास के ग्रामीण इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं और सतर्क रहें। विभाग द्वारा तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह के मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।
तेंदुओं के दर्शन के साथ-साथ इस क्षेत्र से एक और रोमांचक खबर सामने आई है। डीएफओ वरुण जैन ने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व के भीतर एक नए बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। टीम को गश्त के दौरान बाघ के ताजा पगचिह्न (Pugmarks) और मल के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। हालांकि, प्रोटोकॉल के अनुसार, जब तक कैमरे में बाघ की स्पष्ट तस्वीर कैद नहीं हो जाती, तब तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। यह खबर वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए बेहद उत्साहजनक है क्योंकि यह क्षेत्र को बाघों के लिए एक आदर्श आवास के रूप में स्थापित करती है।
बाघ की मौजूदगी की पुख्ता पुष्टि करने के लिए वन विभाग ने अब बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है। डीएफओ जैन ने बताया कि अगले एक सप्ताह के भीतर पूरे संवेदनशील क्षेत्र में 200 ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को उन जगहों पर स्थापित किया जाएगा जहाँ पगचिह्न मिले हैं या जहाँ बाघ के आने-जाने की संभावना अधिक है। वन विभाग का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इस नए मेहमान की तस्वीर प्राप्त कर इसकी उम्र और सेहत का आकलन किया जाए। इस सघन निगरानी अभियान से न केवल बाघ की पुष्टि होगी, बल्कि जंगल में अवैध शिकार जैसी गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।
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