राष्ट्रीय

Digital Census 2027: आज से डिजिटल जनगणना शुरू, मकानों की गिनती के साथ दर्ज होगा जातियों का डेटा

Digital Census 2027:  भारत की बहुप्रतीक्षित जनगणना 2027 की औपचारिक शुरुआत आज, 1 अप्रैल 2026 से हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला चरण 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की सूची तैयार करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद, दूसरा चरण फरवरी 2027 में ‘जनसंख्या गणना’ के रूप में आयोजित होगा। इस बार की जनगणना ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि 1931 के बाद पहली बार स्वतंत्र भारत में जाति आधारित डेटा एकत्र किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस विशाल कवायद के जरिए देश के जनसांख्यिकीय ढांचे की सटीक तस्वीर पेश करना है, जो आगामी दशकों की नीतियों का आधार बनेगी।

पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस: मोबाइल ऐप और जियो-रेफरेंसिंग का इस्तेमाल

आधुनिकता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रगणक (कर्मचारी) अब कागज के फॉर्म के बजाय सीधे मोबाइल ऐप पर डेटा फीड करेंगे, जिससे जानकारी को डिजिटाइज करने में लगने वाला समय बचेगा और सटीकता बढ़ेगी। इसके अलावा, मकानों की गिनती के लिए ‘जियो-रेफरेंसिंग’ तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। डिजिटल मैप पर हर घर की सटीक लोकेशन दर्ज होगी, जिससे न तो कोई घर छूट पाएगा और न ही किसी मकान की दोबारा गिनती होने की गुंजाइश रहेगी। यह हाईटेक दृष्टिकोण डेटा संकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाएगा।

बदलते सामाजिक मापदंड: लिव-इन कपल और तकनीक पर नए नियम

समय के साथ बदलते समाज को देखते हुए जनगणना के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। इस बार लंबे समय से साथ रह रहे ‘लिव-इन’ जोड़ों को जनगणना के उद्देश्यों के लिए ‘विवाहित युगल’ की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा, तकनीकी उपकरणों की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है; यदि आपके मोबाइल में FM रेडियो की सुविधा है, तो माना जाएगा कि आपके पास रेडियो है। हालांकि, मोबाइल पर यूट्यूब देखने को ‘टीवी’ रखने के बराबर नहीं माना जाएगा। वाहनों की श्रेणी में भी स्पष्टता दी गई है—ट्रैक्टर को कार या जीप नहीं माना जाएगा और ई-रिक्शा को भी निजी कार या बाइक की श्रेणी से बाहर रखा गया है।

सावधान रहें: इन 3 निजी सवालों का जवाब देना अनिवार्य नहीं

जनगणना के दौरान कर्मचारी आपसे कुल 33 प्रश्न पूछेंगे, लेकिन सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर आपको कुछ निजी जानकारियां साझा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई कर्मचारी आपकी कुल मासिक आमदनी या बैंक बैलेंस के बारे में पूछता है, तो आप जवाब देने से मना कर सकते हैं। इसके अलावा, आधार या पैन कार्ड जैसे भौतिक दस्तावेज दिखाने का कोई कानूनी दबाव नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक खाता नंबर या ओटीपी (OTP) जैसे विवरण कभी भी जनगणना का हिस्सा नहीं होते। जनता को इन ‘रेड फ्लैग्स’ के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है ताकि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।

अभेद्य सुरक्षा और स्व-गणना की सुविधा: डेटा की गोपनीयता सर्वोपरि

सरकार ने जनगणना के आंकड़ों की सुरक्षा के लिए ‘नेशनल पावर ग्रिड’ और ‘मिलिट्री नेटवर्क’ जैसी त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। डेटा को ‘अति-संवेदनशील सूचना बुनियादी ढांचा’ (CII) की श्रेणी में रखा गया है, जो आरटीआई (RTI) के दायरे से बाहर है। इस बार पहली बार ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ यानी स्व-गणना का विकल्प भी दिया गया है। नागरिक 16 भाषाओं में उपलब्ध वेब पोर्टल के माध्यम से सर्वे से 15 दिन पहले अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। यह डेटा केवल अधिकृत अधिकारियों द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही देखा जा सकेगा, जिससे समुदायों को टारगेट करने या डेटा लीक होने की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाती है।

Read More: Ganderbal Encounter Update: अरहामा के जंगलों में छिड़े भीषण एनकाउंटर में एक आतंकी ढेर, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

Thetarget365

Recent Posts

WB Cabinet Expansion : शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट का महा-विस्तार, जानिए किन 35 चेहरों को मिली सरकार में जगह

WB Cabinet Expansion : पश्चिम बंगाल में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के मंत्रिमंडल…

4 minutes ago

Supreme Court New Judges : सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति, जानें कौन हैं शीर्ष अदालत के नए न्यायाधीश

Supreme Court New Judges : देश की शीर्ष अदालत में न्याय प्रक्रिया को और अधिक…

14 minutes ago

Terrace Gardening Tips : कंक्रीट के जंगलों के बीच कैसे बनाएं अपना ऑक्सीजन बैंक, जानिए टेरेस गार्डनिंग का सच

Terrace Gardening Tips : आजकल के शहरी जीवन में कंक्रीट के जंगलों के बीच खुली…

20 minutes ago

Heron Like Dinosaur : अर्जेंटीना में मिला बगुले जैसा अनोखा डायनासोर, वैज्ञानिकों ने खोजा सात करोड़ साल पुराना रहस्य

Heron Like Dinosaur:  दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने…

27 minutes ago

RCB Fans Riot Kurnool : आरसीबी की जीत का जश्न या खौफनाक गुंडागर्दी, जानिए कुरनूल में क्या हुआ

RCB Fans Riot Kurnool :  आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से एक बेहद हैरान करने…

41 minutes ago

This website uses cookies.