India-Bangladesh :
India-Bangladesh Ties : भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और अनुभवी राजनीतिज्ञ दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त (High Commissioner) नियुक्त किया है। दिनेश त्रिवेदी, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा चेहरा रहे हैं, अब पड़ोसी देश के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह प्रणय वर्मा का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ है। त्रिवेदी की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण एशिया की भू-राजनीति तेजी से बदल रही है और भारत अपने निकटतम पड़ोसियों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
दिनेश त्रिवेदी को ढाका भेजने का फैसला उस वक्त लिया गया है जब भारत और बांग्लादेश अपने रिश्तों को एक नए सांचे में ढालने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश बड़े राजनीतिक उथल-पुथल से गुजरा है। शेख हसीना के सत्ता से हटने और मोहम्मद यूनुस प्रकरण के बाद उपजे तनाव को कम करना त्रिवेदी की प्राथमिकता होगी। बांग्लादेश में हालिया संसदीय चुनावों के बाद बीएनपी के नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने हैं। तारिक रहमान के सत्ता संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार के सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिसे आगे बढ़ाने का जिम्मा अब अनुभवी त्रिवेदी के कंधों पर होगा।
दिनेश त्रिवेदी का सार्वजनिक जीवन काफी समृद्ध रहा है। वे 2009 से 2019 तक पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे और यूपीए सरकार के दौरान रेल मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। वे दो बार राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। वर्ष 2012 में रेल बजट के दौरान यात्री किराए में बढ़ोतरी को लेकर उनका अपनी तत्कालीन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से विवाद जगजाहिर है, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में, 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारतीय उच्चायोग काफी सक्रिय रहा है। निवर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने हाल ही में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात कर भारत की ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ सोच से उन्हें अवगत कराया था। इस उच्च स्तरीय बैठक में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान भी मौजूद थे। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश की जनता और सरकार के साथ आपसी हित और विकास के आधार पर आगे बढ़ना चाहता है। दिनेश त्रिवेदी अब इसी ‘फॉरवर्ड लुकिंग’ विजन को आगे बढ़ाएंगे ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग बना रहे।
एक राजनीतिज्ञ को उच्चायुक्त बनाना यह दर्शाता है कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ रिश्तों को केवल नौकरशाही के नजरिए से नहीं, बल्कि एक गहरे राजनीतिक और सामाजिक संवाद के जरिए सुधारना चाहती है। पश्चिम बंगाल से होने के कारण त्रिवेदी भाषाई और सांस्कृतिक रूप से बांग्लादेश के करीब हैं, जिसका लाभ उन्हें कूटनीतिक वार्ताओं में मिल सकता है। सीमा प्रबंधन, तीस्ता जल विवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तारिक रहमान सरकार के साथ तालमेल बिठाना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी कसौटी होगी। भारत को उम्मीद है कि त्रिवेदी का अनुभव इस पड़ोसी मित्र राष्ट्र के साथ विश्वास की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।
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