Ditwah Cyclone
Ditwah Cyclone: श्रीलंका में भारी विनाश और 150 से अधिक मौतों का कारण बनने के बाद, भयंकर चक्रवाती तूफान Ditwah अब भारतीय तटों की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस भीषण तूफान को लेकर नॉर्थ तमिलनाडु, पुडुचेरी और साउथ आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के लिए एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि तूफान आज (30 नवंबर 2025) किसी भी समय इन तटों से टकरा सकता है।
तूफान के आसन्न खतरे और इसकी तीव्रता को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं। संभावित आपदा से निपटने और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कुल 14 टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं। इन टीमों को विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जहाँ Ditwah के टकराने का सबसे अधिक खतरा है। श्रीलंका में इस तूफान ने जो भारी तबाही मचाई है, जिसमें 150 लोगों की मौत हुई है और कई लोग लापता हैं, उसने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। पिछले छह घंटों के दौरान, चक्रवाती तूफान Ditwah 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए, साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी श्रीलंका तथा तमिलनाडु के तटों के पास केंद्रित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 29 नवंबर 2025 को रात 11:30 बजे, चक्रवाती तूफान Ditwah साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों पर, लगभग 10.7 अक्षांश और 80.6 देशांतर पर केंद्रित था। इस समय यह वेदारण्यम से लगभग 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, कराईकल से 90 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, श्रीलंका के जाफना से 130 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, पुडुचेरी से 160 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, और चेन्नई से 260 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। यह आंकड़े तूफान की भयावहता और भारत के मुख्य तटीय शहरों से इसकी निकटता को दर्शाते हैं।
मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में Ditwah तूफान उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के समानांतर उत्तर दिशा में आगे बढ़ सकता है। अपनी उत्तर दिशा की यात्रा जारी रखते हुए, Ditwah चक्रवाती तूफान 30 नवंबर की सुबह और शाम तक क्रमशः तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों से न्यूनतम 50 किलोमीटर और 25 किलोमीटर की दूरी पर साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी में केंद्रित रहने की संभावना है। यह निकटता इन तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं, भारी वर्षा और समुद्र में ऊंची लहरों का कारण बन सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें।
इस बीच, चक्रवात Ditwah के कारण श्रीलंका में फंसे भारतीय यात्रियों के संबंध में एक मानवीय संकट भी सामने आया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक पत्र लिखकर श्रीलंका में फंसे भारतीयों के लिए हर संभव मदद की पेशकश की है। विजयन ने अपने पत्र में बताया कि कोलंबो स्थित भंडारनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चक्रवात Ditwah की वजह से भारी अव्यवस्था हो गई है, जिसके चलते करीब 300 भारतीय यात्री फंसे हुए हैं।
इनमें से कई यात्री केरल राज्य के निवासी हैं। मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये यात्री पिछले तीन दिनों से फंसे हैं और उनके पास पर्याप्त खाना, पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। केरल सरकार ने फंसे हुए लोगों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने की तत्परता जताई है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो इस संकट की घड़ी में अंतर-राज्यीय सहयोग को दर्शाता है।
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