DMK MK Stalin Meeting : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बीच तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने चुनावी सुधारों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। शनिवार को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदान प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई गई। पार्टी ने SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा, चुनावी अनियमितताओं को दूर करने और आवश्यक सुधार लागू कराने के लिए राष्ट्रपति को याचिका सौंपने का फैसला लिया गया। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
CJP के विरोध-प्रदर्शनों को DMK का समर्थन
बैठक में DMK के छात्र संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। पार्टी पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के प्रति समर्थन जता चुकी है। स्टालिन ने अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा की हिरासत पर सवाल उठाए थे। उन्होंने केंद्र सरकार से दोनों को तत्काल रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाना बंद करने की मांग की थी। हालांकि, हिरासत से जुड़े आरोपों और कानूनी स्थिति का आकलन आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस और TVK पर भी निशाना
बैठक में कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के कथित दोहरे मापदंडों की निंदा करने का प्रस्ताव भी सामने आया। वहीं, परिसीमन यानी डीलिमिटेशन के मुद्दे पर पार्टी ने फिलहाल अंतिम निर्णय लेने से पहले प्रस्तावित विधेयक का मसौदा देखने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक, यदि केंद्र सरकार इस विषय पर विशेष संसद सत्र बुलाती है, तो DMK विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद अपना रुख तय करेगी। सीटों में समान अनुपात में 50 प्रतिशत वृद्धि के विकल्प पर पार्टी के समर्थन की संभावना भी चर्चा में है।
कनिमोझी ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले DMK सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया था कि केंद्र की BJP सरकार संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। DMK लगातार SIR का विरोध करती रही है और उसका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
SSR प्रक्रिया पर भी DMK की नजर
निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा 11 दिसंबर तक रहेगी तथा अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी। DMK प्रवक्ता टी.के.एस. इलांगोवन ने आशंका जताई कि SIR के दौरान नाम हटाए जाने के बाद SSR विपक्ष की चिंताओं को शांत करने का प्रयास हो सकता है। पार्टी ने कहा है कि वह पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी और किसी भी कथित अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएगी।
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