DRDO Missile Test : आसमान में ही दुश्मन की मिसाइलें होंगी ढेर, भारत ने रचा नया इतिहास

DRDO Missile Test : डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए भारत ने आज सुबह एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर देश को गौरवान्वित करने वाली एक बड़ी खबर साझा की। उन्होंने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइलों के खिलाफ देश की मल्टी-लेयर्ड (बहुस्तरीय) सुरक्षा प्रणाली का प्रदर्शन करने के लिए लगातार तीन सफल फ्लाइट टेस्ट किए हैं।

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रक्षा मंत्री ने इस ऐतिहासिक पोस्ट के साथ मिसाइल परीक्षणों की बेहद शानदार और गौरवमयी तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने गर्व से लिखा कि डीआरडीओ के इस सफल परीक्षण की बदौलत भारत अब दुनिया के उन गिने-चुने और चुनिंदा देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास दुश्मन की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तक को हवा में ही मार गिराने की अचूक क्षमता है।

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चीन और पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

डीआरडीओ को मिली यह अभूतपूर्व सफलता पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान की सैन्य रणनीतियों की चिंता बढ़ाने वाली है। इन दोनों ही देशों के साथ भारत का सीमा विवाद और कूटनीतिक गतिरोध लंबे समय से बना हुआ है। ऐसे में भारतीय वैज्ञानिकों का यह नया कारनामा न केवल युद्ध की स्थिति में दुश्मन के ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की ताकत रखता है, बल्कि दुश्मन देशों की ओर से होने वाले किसी भी घातक और अचानक मिसाइल हमले को भारतीय सीमा से पहले ही रोकने में पूरी तरह सक्षम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाते हुए लिखा कि डीआरडीओ ने देश की संप्रभुता और रक्षा क्षमताओं को अभेद्य बनाने वाली कई बेहद संवेदनशील तकनीकों का सफल टेस्ट किया है। यह नई प्रणाली भविष्य में हर तरह के हवाई और समुद्री खतरों को पलक झपकते ही बेअसर कर देगी।

लगातार तीन सफल फ्लाइट टेस्ट से साबित हुई भारत की मल्टी-लेयर्ड बीएमडी क्षमता

अपने आधिकारिक बयान में परीक्षण की बारीकियों को साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि इन लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट के जरिए भारत की मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) क्षमता का पूर्ण और सफल प्रदर्शन किया गया है। परीक्षण के दौरान सभी स्वदेशी इंटरसेप्टर मिसाइलों ने तय गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपने-अपने काल्पनिक लक्ष्यों को बेहद सटीकता के साथ हवा में ही ध्वस्त कर दिया। रक्षा मंत्री ने साफ किया कि इन उन्नत मिसाइल प्रणालियों को भविष्य की आधुनिक मिसाइल चुनौतियों और अत्यधिक गति वाले खतरों को ध्यान में रखकर बेहद अत्याधुनिक और स्वदेशी तकनीकों की मदद से विशेष रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है, जो हमारी सेनाओं को एक सुरक्षा कवच प्रदान करेंगी।

दुनिया के एलीट क्लब में शामिल हुआ भारत, एंटी-शिप मिसाइल का भी हुआ सफल टेस्ट

इन सफल और सटीक परीक्षणों ने भारत की सामरिक धाक पूरी दुनिया में जमा दी है। भारत अब उन अत्यंत चुनिंदा देशों की सूची में आधिकारिक तौर पर शामिल हो चुका है, जिनके पास महाद्वीपीय दूरी तय करने वाली खतरनाक आईसीबीएम (ICBM) मिसाइलों को ट्रैक करके उन्हें नष्ट करने की तकनीक मौजूद है। इसी परीक्षण शृंखला के हिस्से के रूप में भारत ने अपनी ‘नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज’ (NASM-MR) का भी पहला ऐतिहासिक फ्लाइट-टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके जरिए देश ने समुद्र में मध्यम दूरी से आने वाले दुश्मन के युद्धपोतों और जहाजों के हमलों के खिलाफ अपनी आक्रामक और सुरक्षात्मक क्षमता का लोहा मनवाया है। रक्षा मंत्री ने देश की इस महान रक्षा उपलब्धि के लिए डीआरडीओ की पूरी टीम को बधाई दी।

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Chandan Das

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