Durg BJP Leader: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नारधा गांव में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर परिसर में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जनपद सभापति चंद्रहाश गोस्वामी ने मंदिर के मुख्य पुजारी के छोटे भाई के साथ सरेआम मारपीट की। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें बीजेपी नेता पीड़ित को लात-घूसों से पीटते और हवा भरने वाले पंप से वार करते नजर आ रहे हैं। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है, जहाँ अब दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
रुद्र महायज्ञ के आयोजन और दुकान हटाने को लेकर बढ़ा विवाद
विवाद की जड़ आगामी 16 फरवरी को आयोजित होने वाला ‘रुद्र महायज्ञ’ है। बीजेपी नेता चंद्रहाश गोस्वामी ने इस विशाल यज्ञ का जिम्मा लिया है और इसमें बड़े राजनेताओं को आमंत्रित करने की तैयारी चल रही है। आयोजन के लिए मंदिर परिसर में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। कार्यक्रम की व्यवस्था और भीड़ को संभालने के नाम पर चंद्रहाश ने मंदिर के आसपास लगने वाली नारियल और पूजन सामग्री की दुकानों को पीछे खिसकाने का निर्देश दिया था। मंदिर के मुख्य पुजारी भीम महाराज ने अपनी दुकान हटाने से इनकार कर दिया, जिससे बात बढ़ गई और मारपीट तक पहुँच गई।
पुजारी के भाई की पिटाई और चंदे को लेकर उठे सवाल
12 फरवरी की रात विवाद इतना बढ़ गया कि चंद्रहाश गोस्वामी और उनके साथियों ने पुजारी के छोटे भाई रामगिरी गोस्वामी पर हमला कर दिया। वीडियो साक्ष्यों में नेता को पीड़ित के पेट और सिर पर लात मारते देखा जा सकता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस यज्ञ के लिए उनसे चंदा वसूला जा रहा है, जबकि पिछले 10 वर्षों से यहाँ सामान्य रूप से धार्मिक कार्य होते रहे हैं। मंदिर समिति इस भव्य आयोजन और परिसर में हो रही खुदाई के पक्ष में नहीं है, जिससे समिति और नेता के बीच दरार और गहरी हो गई है।
मंदिर का गौरवशाली इतिहास और बढ़ती लोकप्रियता
नारधा का यह रुक्खड़ नाथ धाम लगभग 200 से 350 साल पुराना है, जिसकी स्थापना काशी के जूना अखाड़ा से आए बाबा रुक्खड़ नाथ गिरी महाराज ने की थी। यहाँ गाय के गोबर से बनी हनुमान जी की प्रतिमा और शिवलिंग स्थापित है। गांव के सरपंच के मुताबिक, जब से बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस मंदिर का अपनी कथा में उल्लेख किया है, यहाँ श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा है। जहाँ पहले दिन भर में गिने-चुने लोग आते थे, अब रोजाना 200 से अधिक श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। चढ़ावा बढ़ने के साथ ही मंदिर के प्रबंधन और वर्चस्व को लेकर खींचतान शुरू हो गई है।
दोनों पक्षों के अपने दावे और पुलिस की जांच
घटना के बाद बीजेपी नेता चंद्रहाश गोस्वामी ने खुद को भी घायल बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि रामगिरी गोस्वामी ने पहले गाली-गलौज की और उन पर हमला किया, जिसके बचाव में उन्होंने कार्रवाई की। दूसरी ओर, पुजारी पक्ष का कहना है कि नेता अपनी सत्ता की हनक दिखा रहे हैं और प्राचीन मंदिर की व्यवस्थाओं में दखल दे रहे हैं। जामुल थाना पुलिस ने वीडियो फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















