Durg Garba Controversy : छत्तीसगढ़ के दुर्ग में गरबा आयोजन के दौरान युवकों के प्रवेश को लेकर हुए विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दूसरों को धर्म और संस्कृति की सीख देने वाले नेताओं को पहले अपने परिवारों की ओर देखना चाहिए। गरबा कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान दिए गए उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
धार्मिक आयोजनों में विवाद खड़ा करने पर उठाए सवाल
गुरुवार रात दुर्ग के सिविल लाइन स्थित हॉकी मैदान में आयोजित गरबा कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लोगों के बीच मेलजोल बढ़ाने का माध्यम होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए इस तरह के आयोजनों को विवाद से दूर रखना जरूरी है।
भाजपा और आरएसएस नेताओं पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस से जुड़े नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को धर्म का पाठ पढ़ाने से पहले उन्हें अपने घरों में झांकना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इन संगठनों से जुड़े कुछ नेताओं के परिवारों में भी मुस्लिम परिवारों में विवाह हुए हैं। बघेल ने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि जब परिवारों में अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के रिश्ते मौजूद हैं, तो दूसरों की धार्मिक पहचान को लेकर आपत्ति क्यों की जाती है। उनके बयान का केंद्र धार्मिक मामलों में कथित दोहरे मानदंडों की आलोचना करना था।
गरबा जैसे आयोजनों को सामाजिक मेलजोल का माध्यम बताया
भूपेश बघेल ने गरबा सहित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने वाला बताया। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों में लोगों की भागीदारी को लेकर विवाद पैदा करने के बजाय सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की बात करने वालों को अपने आचरण में भी उन्हीं मूल्यों का पालन करना चाहिए। उनके बयान के बाद दुर्ग में हुए विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की चर्चा बढ़ गई है।
हॉकी मैदान में युवकों के प्रवेश को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, दुर्ग के सिविल लाइन स्थित हॉकी मैदान में बुधवार रात गरबा आयोजन के दौरान कुछ युवकों के प्रवेश को लेकर विवाद हुआ था। आयोजन स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने युवकों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और आयोजकों तथा युवकों के बीच विवाद के साथ मारपीट भी हुई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कार्रवाई की।
शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद संबंधित पक्षों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि, मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका और विवाद के पूरे घटनाक्रम के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल यह मामला गरबा आयोजन में प्रवेश को लेकर शुरू हुए विवाद और उसके बाद हुई मारपीट से जुड़ा है।
विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज
गरबा कार्यक्रम में हुए विवाद के बाद भूपेश बघेल के बयान ने मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस पर धार्मिक मुद्दों को लेकर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, घटना के कानूनी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। अब मामले की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।
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