Shikhar Dhawan ED probe: भारत के पूर्व स्टार क्रिकेटर शिखर धवन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। गुरुवार को ईडी की ओर से धवन से इस संदर्भ में सवाल-जवाब किए गए। इस मामले में धवन की तस्वीर के प्रचार में उपयोग किए जाने और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

ईडी ने शिखर धवन से की पूछताछ
धवन को गुरुवार को ईडी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि धवन का इस अवैध सट्टेबाजी ऐप से क्या संबंध है और क्या उनके जरिए कोई मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल पूछताछ जारी है और धवन से वित्तीय लेन-देन, प्रमोशनल एक्टिविटी और पैसों के आदान-प्रदान के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है।

सट्टेबाजी ऐप से जुड़े गंभीर आरोप
शिखर धवन का मामला अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जो देश में गैरकानूनी माना जाता है। इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल धन शोधन, अवैध कमाई और अन्य आर्थिक अपराधों के लिए होता है। इस मामले में ईडी का फोकस ऐसे वित्तीय लेन-देन पर है, जिनसे अपराध या भ्रष्टाचार की संभावना हो।
सुरेश रैना भी जांच के दायरे में
शिखर धवन से पहले भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना को भी इसी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रैना से ईडी ने करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। रैना का नाम 1एक्सबेट नामक सट्टेबाजी ऐप से जुड़ा हुआ है। ईडी इस ऐप से उनके संबंध, प्रचार से हुई कमाई और दोनों पक्षों के बीच हुए संचार की जांच कर रही है।
ईडी की कार्रवाई से क्रिकेट जगत में हलचल
ईडी की ये कार्रवाइयां भारतीय क्रिकेट जगत में बड़ी हलचल मचा रही हैं। क्रिकेटर और प्रमोटर दोनों के लिए यह चेतावनी है कि अवैध गतिविधियों से दूर रहना होगा। अवैध सट्टेबाजी और धन शोधन के मामलों में जांच तेज होने से खिलाड़ियों की छवि भी प्रभावित हो रही है।
अवैध सट्टेबाजी पर सरकार की सख्त नीति
भारत सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर नकेल कसने के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय के अलावा, ई-कॉमर्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी इस दिशा में सक्रिय हैं।
अगले कदम पर नजर
शिखर धवन के खिलाफ अभी तक कोई आरोप तय नहीं हुआ है, लेकिन ईडी की जांच से उनके पक्ष में सफाई देना जरूरी हो गया है। भविष्य में इस मामले की आगे की प्रगति से क्रिकेट और सट्टेबाजी के बीच संबंधों की स्थिति स्पष्ट होगी। ईडी की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि खेल के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
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