Edgbaston Test : टीम इंडिया ने इंग्लैंड की धरती पर क्रिकेट इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। 58 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एजबेस्टन के मैदान पर पहली बार जीत दर्ज की है। शुभमन गिल की अगुवाई में खेल रही युवा और अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम इंडिया ने दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 336 रन के बड़े अंतर से मात दी और इतिहास रच दिया।
1967 से अब तक भारत को नहीं मिली थी जीत
भारत ने पहली बार एजबेस्टन में 1967 में टेस्ट खेला था, लेकिन तब से अब तक 7 हार और एक ड्रॉ के अलावा जीत का स्वाद नहीं चखा था। कई दिग्गजों और सितारों से सजी टीमों के बावजूद भारत इस मैदान पर कभी सफल नहीं हो पाया था। लेकिन इस बार गिल की कप्तानी में, स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत ने जीत की स्क्रिप्ट लिखी।
गाबा की यादें ताजा, इंग्लैंड का घमंड चूर
टीम इंडिया ने जिस तरह से यह जीत हासिल की, उसने 2021 में गाबा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली ऐतिहासिक जीत की याद दिला दी। एक बार फिर युवा खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी काबिलियत से विरोधियों के घमंड को चकनाचूर कर दिया। इंग्लैंड की मजबूत टीम को 336 रन से हराकर भारत ने उनके आत्मविश्वास को झटका दिया।
बारिश से खेल रुका, लेकिन जोश नहीं टूटा
रविवार 6 जुलाई को टेस्ट के आखिरी दिन मौसम ने भी रोमांच बढ़ा दिया। सुबह से ही बारिश ने खेल में बाधा डाली और आशंका बनने लगी कि कहीं यह जीत भारत के हाथ से फिसल न जाए। लेकिन जैसे ही शाम 5:10 बजे खेल फिर शुरू हुआ, भारत ने दोबारा मोर्चा संभाल लिया और शानदार गेंदबाज़ी से इंग्लैंड को ध्वस्त कर दिया।
आकाश दीप का कहर, पहली बार 5 विकेट हॉल
दूसरी पारी में इंग्लैंड की हार की नींव रखी आकाश दीप ने, जिन्होंने पहले सेशन में ही ऑली पोप और हैरी ब्रूक को आउट किया। लंच से पहले वॉशिंगटन सुंदर ने कप्तान बेन स्टोक्स को चलता किया। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश ने मिलकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। आकाश दीप ने अपने करियर का पहला टेस्ट में 5 विकेट हॉल पूरा करते हुए आखिरी विकेट भी लिया।
इंग्लैंड 271 रन पर ऑल आउट, भारत की ऐतिहासिक जीत
दूसरे सेशन में इंग्लैंड को संभालने की कोशिश जेमी स्मिथ ने की, लेकिन वह भी शतक से चूक गए। भारत ने उन्हें और बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेटते हुए इंग्लैंड को 271 रन पर ऑल आउट कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त ली बल्कि इंग्लैंड के किले में घुसकर क्रिकेट इतिहास में एक गौरवशाली पन्ना जोड़ा। एजबेस्टन की जीत केवल एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नई सोच, आत्मविश्वास और युवा जोश का प्रतीक बन गई है। शुभमन गिल की कप्तानी में यह जीत आने वाले भविष्य की मजबूत नींव बन सकती है।