Ekta Kapoor Revelation : टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर निर्माता एकता कपूर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। अपने करियर में कई सफल टीवी सीरियल और फिल्मों का निर्माण कर चुकीं एकता ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि माथे पर तिलक लगाने और हाथ में धार्मिक धागा बांधने के कारण उन्हें कई बार लोगों की अजीब प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने तो उन्हें तांत्रिक तक कह दिया था। एकता के इस खुलासे ने धार्मिक आस्था और समाज की सोच को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में कही बड़ी बात
एकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान हिंदू धर्म, धार्मिक प्रतीकों और उनसे जुड़े सामाजिक नजरिए पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाज में हिंदू धर्म को लेकर काफी नफरत और भेदभाव देखने को मिलता है। उनके मुताबिक, लोग एनिमेशन जैसी चीजों को आसानी से स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन जब लोककथाओं और पौराणिक कहानियों की बात आती है, तो कई बार अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगती हैं।
माथे पर तिलक लगाने पर सुनने पड़े ताने
एकता कपूर ने अपने बचपन का एक किस्सा याद करते हुए बताया कि जब वह छोटी थीं और माथे पर तिलक लगाती थीं, तब कुछ लोगों को उनका ऐसा करना अजीब लगता था। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे सवाल किया था कि वह इस तरह क्यों दिखती हैं और ऐसे कपड़े क्यों पहनती हैं। इस पर एकता ने सवाल उठाया कि माथे पर तिलक लगाना या हाथ में धार्मिक धागा पहनना आखिर अजीब कैसे हो सकता है?
लोगों ने एकता कपूर को कह दिया तांत्रिक
एकता ने बातचीत में यह भी बताया कि धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के कारण उन्हें कई लोगों की टिप्पणियां सुननी पड़ीं। कुछ लोगों ने उन्हें तांत्रिक तक कहकर बुलाया। एकता के मुताबिक, किसी व्यक्ति की धार्मिक आस्था या उसके पहनावे को देखकर उसके बारे में इस तरह की धारणा बनाना निराशाजनक है। उनके इस अनुभव से यह सवाल भी उठता है कि क्या धार्मिक परंपराओं को अपनाने वाले लोगों को समाज में अनावश्यक टिप्पणियों का सामना करना पड़ना चाहिए?
मंदिर जाने के बाद क्लब पहुंचीं, फिर हुआ सवाल
पॉडकास्ट के दौरान एकता कपूर ने एक और घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बार वह मंदिर जाने के बाद क्लब पहुंची थीं। वहां किसी व्यक्ति ने उनसे ताने मारने वाले अंदाज में पूछा कि क्या वह मंदिर होकर आई हैं। इस सवाल पर एकता ने बिना झिझक जवाब दिया, ‘हां, तो क्या हुआ? इसमें हैरान होने वाली क्या बात है?’ उनके जवाब से साफ था कि वह अपनी आस्था को लेकर किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस नहीं करतीं।
अपनी आस्था पर शर्मिंदा नहीं हैं एकता कपूर
एकता कपूर के इस बयान से साफ है कि वह अपनी धार्मिक मान्यताओं को निजी पहचान का हिस्सा मानती हैं। हालांकि, दूसरों की प्रतिक्रियाओं और सोच ने उन्हें निराश जरूर किया। टीवी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाली एकता का यह अनुभव धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत पसंद जैसे मुद्दों को सामने लाता है। उनके खुलासे के बाद यह चर्चा तेज हो सकती है कि किसी की आस्था का सम्मान करना समाज की साझा जिम्मेदारी क्यों है।
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