Elon Musk AI Prediction: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार और स्पेसएक्स (SpaceX) के प्रमुख एलन मस्क अपनी बेबाक बयानबाजी और भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसने तकनीक की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है। मस्क ने न केवल अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों की ताकत को स्वीकार किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य में एआई का वर्चस्व किस क्षेत्र में किसका होगा।

सोशल मीडिया पर मस्क का चौंकाने वाला खुलासा
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जवाब में एआई की रेस को तीन हिस्सों में बांट दिया। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए लिखा कि अमेरिका और पश्चिमी देशों में गूगल (Google) एआई की रेस जीतेगा, जबकि पूरी धरती पर चीन (China) का एआई तकनीक में बोलबाला रहेगा। वहीं, जब बात अंतरिक्ष या स्पेस की आएगी, तो वहां उनकी अपनी कंपनी स्पेसएक्स सबसे आगे रहेगी। मस्क का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे खुद अपनी कंपनी xAI के जरिए इस क्षेत्र में बड़े खिलाड़ी बनकर उभर रहे हैं।
गूगल की कार्यप्रणाली पर पूर्व कर्मचारी ने उठाए सवाल
मस्क की यह टिप्पणी अबेकस एआई (Abacus AI) की सीईओ बिंदी रेड्डी के एक पोस्ट के जवाब में आई है। गूगल की पूर्व कर्मचारी रहीं रेड्डी ने गूगल के हालिया एआई मॉडल ‘जेमिनी 3.0’ को लेकर अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि जेमिनी 3.0 उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है और यूजर्स को अभी भी पुराने वर्जन जेमिनी 2.5 पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। रेड्डी ने सुंदर पिचाई के नेतृत्व वाली गूगल को सलाह दी कि उन्हें अपने सभी छोटे-मोटे कामों (साइड हसल) को छोड़कर बड़े पैमाने पर पैरेलल एक्सपेरिमेंट करने चाहिए ताकि वे एआई की रेस में पिछड़ न जाएं।
स्पेस और धरती के बीच बंटा एआई का भविष्य
मस्क का मानना है कि गूगल के पास डेटा और संसाधनों का जो विशाल भंडार है, वह उसे पश्चिम में शीर्ष पर बनाए रखेगा। हालांकि, वे चीन की प्रगति को भी नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। मस्क के अनुसार, जमीनी स्तर पर और वैश्विक विनिर्माण व डेटा एकीकरण के मामले में चीन दुनिया को पीछे छोड़ सकता है। लेकिन जब बात पृथ्वी की सीमाओं से बाहर यानी अंतरिक्ष अन्वेषण की आती है, तो स्पेसएक्स का कोई मुकाबला नहीं होगा। मस्क एआई को रॉकेट विज्ञान और उपग्रह प्रणालियों के साथ जोड़कर एक नया साम्राज्य खड़ा करने की योजना बना रहे हैं।
xAI की चुनौती: तीन साल में सबको पीछे छोड़ने का दावा
दिलचस्प बात यह है कि मस्क ने अपनी कंपनी xAI की वर्तमान स्थिति को लेकर भी ईमानदारी बरती है। उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल उनका ‘ग्रोक एआई’ (Grok AI) अपने प्रतिस्पर्धियों से थोड़ा पीछे है। लेकिन उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि इस साल के अंत तक xAI मुकाबले में बराबर आ जाएगा। मस्क ने यहाँ तक कह दिया कि अगले तीन वर्षों में उनकी कंपनी इतनी आगे निकल जाएगी कि दूसरे नंबर पर कौन है, यह देखने के लिए दुनिया को ‘जेम्स वेब टेलिस्कोप’ की जरूरत पड़ेगी। यानी वे किसी को भी अपने आस-पास नहीं देखते।
तकनीक जगत में एआई का नया शीत युद्ध
मस्क की इन बातों से साफ है कि आने वाले समय में एआई केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भू-राजनीति और अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा का मुख्य हथियार बनेगा। जहां गूगल सॉफ्टवेयर की दुनिया में अपनी बादशाहत बचाने की कोशिश कर रहा है, वहीं मस्क इसे ग्रहों के बीच संचार और संचालन का जरिया बनाना चाहते हैं। चीन का बढ़ता प्रभाव भी इस दौड़ को और अधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

















