Engineer Rashid Bail
Engineer Rashid Bail: जम्मू-कश्मीर की राजनीति के चर्चित चेहरे और बारामूला से मौजूदा सांसद इंजीनियर राशिद के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्हें टेरर फंडिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में एक हफ्ते की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह फैसला मानवीय आधार पर लिया गया है, जिससे राशिद को अपने बीमार पिता से मिलने और उनकी देखभाल करने का अवसर मिलेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जमानत की इस अवधि के दौरान राशिद केवल उस अस्पताल या आवास पर रह सकेंगे जहां उनके पिता का इलाज चल रहा है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के सख्त पालन के बीच उन्हें यह अस्थायी रिहाई दी गई है।
इंजीनियर राशिद ने अपने पिता की खराब सेहत का हवाला देते हुए पहले पटियाला हाउस कोर्ट (ट्रायल कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, वहां से उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की। राशिद के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि एक बेटे के नाते उन्हें अपने पिता के अंतिम समय या गंभीर बीमारी के दौरान उनके पास रहने का अधिकार मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलट दिया और राशिद को सात दिनों के लिए राहत दी। इस फैसले को चुनावी और राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।
शेख अब्दुल राशिद, जिन्हें दुनिया ‘इंजीनियर राशिद’ के नाम से जानती है, उत्तरी कश्मीर के एक प्रभावशाली नेता हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक सरकारी विभाग में एक इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। यही कारण है कि उनके नाम के साथ ‘इंजीनियर’ शब्द हमेशा के लिए जुड़ गया। 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने जेल में रहते हुए भी बारामूला सीट से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था। उनकी अवामी इत्तेहाद पार्टी कश्मीर के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है, और उनकी सादगीपूर्ण छवि उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।
राशिद की मुश्किलें साल 2017 में शुरू हुई थीं, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उन्हें कश्मीर घाटी में अलगाववादी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग के आरोपों में घेरा था। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। 2019 में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। तब से वे लगातार सलाखों के पीछे हैं। हालांकि, इंजीनियर राशिद ने हमेशा अपने ऊपर लगे इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और अदालत में अपनी बेगुनाही का दावा पेश करते रहे हैं।
जेल में रहने के दौरान राशिद का नाम पिछले साल सितंबर 2025 में एक बार फिर चर्चा में आया। तब ऐसी खबरें सामने आई थीं कि तिहाड़ जेल के भीतर कुछ कैदियों के साथ उनकी तीखी बहस हो गई थी, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रांसजेंडर कैदियों के एक समूह के साथ हुए इस विवाद में राशिद को मामूली चोटें आई थीं। सुरक्षा कारणों से बाद में उनकी सेल बदली गई और जेल प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना ने जेल के भीतर कैदियों की सुरक्षा और अनुशासन पर भी सवाल खड़े किए थे। फिलहाल, इस अंतरिम जमानत ने उनके समर्थकों के बीच उम्मीद की एक किरण जगाई है।
Read More : Gujarat Civic Polls: गुजरात में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, लेकिन पूर्व IPS मनोज निनामा को मिली करारी हार
PBKS vs RR: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के रोमांचक मुकाबले में मंगलवार को राजस्थान…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरणों को शांतिपूर्ण ढंग…
Digital Asset Law: आज के दौर में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, लिंक्डइन और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म…
Keonjhar Bank Incident Odisha : ओडिशा के क्योंझर जिले से आई एक दिल दहला देने…
Modi in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे के दौरान…
UAE Leaves OPEC 2026 : मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव…
This website uses cookies.