Epstein Row: एपस्टीन विवाद को लेकर भारतीय राजनीति में नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन की कथित तस्वीर सामने आने के बाद भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने तस्वीर जारी होने के समय को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि आखिर किसे ब्लैकमेल किया जा रहा है।
मार्को रूबियो की भारत यात्रा से जोड़ा मामला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि रूबियो मुंबई पहुंचे और इसी दौरान अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन तथा पुरी की तस्वीर जारी की। उन्होंने भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सवाल किया कि इस घटनाक्रम के पीछे किस देश-विरोधी व्यक्ति को ब्लैकमेल करने की कोशिश हो रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के दावों के बाद से वह उनके इस्तीफे की मांग करती रही है। हालांकि, पुरी पहले ही विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर साझा की गई कथित तस्वीर
कांग्रेस के कई नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने एक तस्वीर साझा की है, जिसमें हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एपस्टीन आमने-सामने बैठे दिखाई देते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यह तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी की गई सामग्री का हिस्सा है। हालांकि, तस्वीर किस तारीख की है और किन परिस्थितियों में ली गई थी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। केवल तस्वीर के आधार पर किसी गलत गतिविधि में संलिप्तता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री पर लगाए आरोप
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुरी और एपस्टीन के कथित संबंधों की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी तथा निष्क्रियता पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता के अनुसार, इस मामले में सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पवन खेड़ा ने ईमेल और बैठकों को लेकर किया दावा
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि सामने आई तस्वीर हरदीप सिंह पुरी के पहले दिए गए स्पष्टीकरण पर सवाल खड़े करती है। खेड़ा के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध एपस्टीन फाइल्स में वर्ष 2014 से 2017 के बीच पुरी और एपस्टीन के बीच कम से कम 62 ईमेल का आदान-प्रदान तथा 14 बैठकों का उल्लेख है। ये आंकड़े कांग्रेस नेता के दावे हैं और इनके संदर्भ तथा विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
हरदीप पुरी पहले दे चुके हैं अपना स्पष्टीकरण
हरदीप सिंह पुरी पहले कह चुके हैं कि उनकी एपस्टीन से कुछ मौकों पर मुलाकात हुई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी बातचीत का एपस्टीन के अपराधों से कोई संबंध नहीं था। फिलहाल विवाद के केंद्र में तस्वीर, कथित संपर्कों और कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी है। इस मामले में सभी आरोपों और दावों का आकलन आधिकारिक दस्तावेजों तथा संबंधित पक्षों के प्रमाणित बयानों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
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