Dhamtari Corporation: धमतरी जिले का नगर पालिका निगम इन दिनों बिजली बिल बकाया राशि को लेकर चर्चा में है। पिछले 4 वर्षों से बिजली बिल का भुगतान समय पर न करने के कारण नगर निगम का कुल बिजली बिल 10 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नगर निगम को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं और बिजली बिल जल्द से जल्द चुकाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। यदि नगर निगम समय पर भुगतान नहीं करता है तो बिजली कनेक्शन काटे जाने की भी चेतावनी दी गई है।
धमतरी नगर निगम के पास विद्युत विभाग से कुल 280 बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें सड़क की स्ट्रीट लाइट्स, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, मोटर पंप, विभिन्न सरकारी भवन, उद्यान और शौचालय जैसे सार्वजनिक स्थानों के कनेक्शन शामिल हैं। नगर निगम पर हर महीने लगभग 20 से 22 लाख रुपये का बिजली बिल आता है, जिसका भुगतान नियमित और पूरी राशि में नहीं हो पाने के कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
नगर निगम उपायुक्त प्रवीण सार्वा ने बताया कि पिछले चार वर्षों से बकाया बिजली बिल की राशि 10 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा, “नगर निगम को जो भी फंड मिलता है, उससे बिजली बिल के भुगतान किए जाते हैं, लेकिन राशि करोड़ों में होने और फंड की कमी के कारण भुगतान में देरी हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि निगम ने इस आर्थिक समस्या से निपटने के लिए राज्य शासन से आर्थिक सहयोग की मांग की है। इसके अलावा, निगम सोलर ऊर्जा प्रणाली लगाने की भी योजना बना रहा है ताकि बिजली की लागत कम की जा सके और बिजली बिल की राशि को नियंत्रित किया जा सके।
इस मामले पर विद्युत विभाग की अधिकारी असिस्टेंट इंजीनियर प्रेमलता देवांगन ने कहा कि नगर निगम के 280 कनेक्शनों के बिजली बिल का भुगतान समय पर न होने के कारण 10 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हो गया है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा समय-समय पर कुछ भुगतान जरूर किए जाते हैं, लेकिन कुल राशि अधिक होने के कारण विभाग ने कई बार नोटिस भेजे हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि बिल का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई भी हो सकती है। प्रेमलता देवांगन ने बताया कि जिले के अन्य सरकारी विभागों के भी लाखों से करोड़ों रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, जिन्हें लेकर विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
नगर निगम द्वारा बिजली बिल का समय पर भुगतान न करने के कारण विभाग की राजस्व व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही सार्वजनिक सेवाओं जैसे स्ट्रीट लाइटिंग, जल और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन में बाधा आ सकती है, जिससे नगर के नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। यदि बिजली कनेक्शन काटे जाते हैं तो नगर निगम की दैनिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
नगर निगम की ओर से राज्य शासन से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बकाया राशि का भुगतान किया जा सके और भविष्य में बिजली बिल समय पर चुकाया जा सके। इसके अलावा, निगम द्वारा सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने की योजना से बिजली की लागत कम करने की उम्मीद जताई जा रही है, जो ऊर्जा की बचत के साथ-साथ निगम के वित्तीय बोझ को भी कम कर सकती है।
धमतरी नगर पालिका निगम के बिजली बिल बकाया मामले ने नगर प्रशासन की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो निगम के महत्वपूर्ण बिजली कनेक्शन काटे जाने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नगर की बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ेगा। इसलिए नगर निगम को समय रहते बिजली बिल का भुगतान कर बिजली विभाग के साथ बेहतर तालमेल बनाना होगा।
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