FIFA World Cup 2026: न्यू जर्सी में दोपहर की हवा वैसे तो काफी सुहानी और ठंडी होनी चाहिए, लेकिन जब आप मॉरिसटाउन में ब्राजील के प्रैक्टिस ग्राउंड पर कदम रखते हैं, तो वहां का माहौल आपको काफी गर्म महसूस हो सकता है। मैदान पर विनीसियस जूनियर की मुस्कान हो या ब्रूनो गुइमारेस का पसीने से तर कर देने वाला अभ्यास, इस शांत दिखने वाले कैनवस के नीचे एक गहरी साइकोलॉजिकल लड़ाई साफ देखी जा सकती है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टूर्नामेंट की पहली बॉल पास होने से पहले ही ब्राजीलियाई खेमे का लहजा तीखा हो चुका है। फुटबॉल जगत में अब यह बड़ा सवाल गूंज रहा है कि क्या कोच कार्लो एंसेलोटी का ब्राजील की पुरानी ‘नेमार-निर्भरता’ को खत्म करने का कैंपेन शुरुआत में ही दम तोड़ रहा है?

34 की उम्र में भी नेमार की चोट तय कर रही ब्राजील की किस्मत
जब मॉरिसटाउन कैंप की साइडलाइन पर नेमार जूनियर को अकेले जॉगिंग करते और बिना बॉल के हल्का जिम सेशन करते देखा जाता है, तो सच्चाई सबके सामने आ जाती है। 34 साल की उम्र में भी नेमार की चोटें और मेडिकल ड्रामा ब्राजील के वर्ल्ड कप अभियान की किस्मत को कंट्रोल कर रहे हैं। ब्राजीलियाई फुटबॉल की यह पुरानी बीमारी अब तक ठीक नहीं हुई है। बीते 17 मई को जब नेमार सैंटोस की जर्सी पहनकर मैदान से बाहर गए, तो क्लब अधिकारियों ने इसे मामूली सूजन बताया था। लेकिन न्यू जर्सी के नेशनल कैंप में जब टीम डॉक्टर रोड्रिगो लासमर ने उनके दाएं टखने का MRI किया, तो पता चला कि चोट उम्मीद से कहीं ज्यादा गहरी है।

कार्लो एंसेलोटी का ब्लूप्रिंट फेल और मोरक्को के खिलाफ बड़ी चुनौती
यहीं पर मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। सैंटोस और ब्राजीलियन फुटबॉल फेडरेशन के बीच चोट छिपाने के इस खेल में एंसेलोटी का पूरा ब्लूप्रिंट उलट-पुलट हो गया है। हालांकि, ताजा स्कैन में नेमार की फटी हुई मसल में नए टिशू बनने की बात सामने आई है, जिसे डॉक्टर ‘पॉजिटिव प्रोग्रेस’ कह रहे हैं, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर आधे-अधूरे फिट खिलाड़ी को लेकर जोखिम नहीं लिया जा सकता।
नतीजतन, अगले शनिवार को मोरक्को के खिलाफ मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले ओपनिंग मैच में नेमार मैदान पर नहीं उतरेंगे। टीम मैनेजमेंट अब 19 जून को हैती के खिलाफ होने वाले मैच पर नजरें गड़ाए हुए है, जहां नॉकआउट से पहले नेमार को केवल 20 मिनट का ‘मैच टाइम’ देने की योजना है। लेकिन रोड्रिगो और तरुण एस्टोवाओ जैसे स्टार फॉरवर्ड्स के पहले ही चोट के कारण बाहर होने से मोरक्को के मजबूत डिफेंस को तोड़ना ब्राजील के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा।
ड्रेसिंग रूम का माहौल और एंसेलोटी का ‘मैड्रिड स्टाइल’ फॉर्मेशन
ब्राजीलियाई मीडिया में नेमार की फिटनेस को लेकर मचे हंगामे के बीच एंसेलोटी अपने पुराने ‘अकड़ू’ अंदाज में नजर आए। उन्होंने साफ कर दिया है कि 26 खिलाड़ियों की टीम से नेमार को बाहर करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी ही बाकी खिलाड़ियों के लिए टॉनिक का काम करती है। हालांकि, विश्लेषक इसे कोच का ‘अंधा प्यार’ और ‘टैक्टिकल ब्लैकमेल’ मान रहे हैं, जो विनीसियस जूनियर, ब्रूनो गुइमारेस और गैब्रियल मार्टिनेली जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ियों पर नेगेटिव साइकोलॉजिकल प्रेशर डाल रहा है। नेमार की अनुपस्थिति में अब एंसेलोटी का पसंदीदा ‘मैड्रिड स्टाइल’ 4-2-4 फॉर्मेशन पूरी तरह विनीसियस जूनियर के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिन्हें अब क्लब की तरह देश की जर्सी में भी लीडरशिप की भूमिका निभानी होगी।
क्या इतिहास खुद को दोहराएगा या खंडहरों से निकलेगी नई कला?
मॉरिसटाउन के मैदान से निकलते समय यह बड़ा सवाल जेहन में आता है कि क्या ब्राजीलियाई फुटबॉल ने अतीत से कुछ नहीं सीखा? साल 2014 और 2022 के वर्ल्ड कप में भी नेमार की चोट और उन्हें लेकर बनी अत्यधिक हाइप ने ब्राजील के सजे-धजे बगीचे को उजाड़ दिया था। यदि कार्लो एंसेलोटी जैसा अनुभवी इटैलियन कोच भी 2026 में वही पुरानी गलती दोहराता है, तो यह अमेरिकी अभियान सेलेकाओ के लिए एक और त्रासदी बन सकता है। पाब्लो पिकासो ने कहा था, ‘हर रचना के पीछे विनाश का हाथ होता है।’ अब देखना यह होगा कि क्या एंसेलोटी नेमार को ठीक करने की इस नामुमकिन कोशिश के खंडहरों से कोई नई कला (जीत) तराश पाते हैं या नहीं।
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