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अंबिकापुर @thetarget365 अंबिकापुर शहर में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के महाअधिवेशन को भारी विरोध के बाद बीच में ही समाप्त करना पड़ा। रजवार समाज के शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में आयोजकों के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज कर लिया है। वहीं कर्यक्रम के दौरान हिन्दू धर्म सहित ब्राह्मण जाति के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भी विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना है।
बता दें रजवार समाज के भवन में 06 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर ईसाई समाज और रजवार समाज के बीच जमकर बहसबाजी हुई थी। पुलिस व प्रशासन के सामने ही दोनों पक्षों के बीच जमकर वाद-विवाद बनी। मौके पर अधिकारियों की समझाईश के बाद मामला शांत कराया गया था।
विलास खरात, सुनील डोंगरदिवे, अरविन्द कच्छप, रंजीत बड़ा, ब्लासियुस तिग्गा व अन्य के खिलाफ लिखित शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 329(3), 333, 299, 115(2), 351(2), 319(2), 191(2), 190 व छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 49 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
मामले में रजवार समाज सरगुजा के जिला अध्यक्ष बालेश्वर राजवाड़े ने लिखित शिकायत में कहा है कि 06 नवम्बर के दोपहर 1.00 बजे राष्ट्रीय क्रिश्चयन मोर्चा छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं द्वारा रजवार भवन में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली बयानबाजी की गई है। आयोजकों ने मौके पर रजवार समाज के लोगों के साथ हाथापाई व मारपीट करते हुए आपराधिक आशय से अनाधिकृत रूप से पुलिस वाले बन कर धमकी भी दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सुबह रजवार भवन में निवास कर अध्ययन कर रहे छात्रों के मोबाईल नंबर से किसी व्यक्ति के द्वारा फोन कर रजवार भवन नमनाकला अंबिकापुर में समुह का कार्यक्रम करना है। पुछने पर बताया गया कि कार्यक्रम में 10 से 15 लोग रहेंगे इस पर रजवार भवन प्रागंण में मिटिंग करने मौखिक अनुमति दी गई।
रजवार भवन में निवास कर अध्ययन करने वाले छात्रों द्वारा दोपहर 01 बजे फोन कर अवगत कराया गया कि रजवार प्रांगण में हजारों लोग एकत्रित हो रहे है। राष्ट्रीय किश्चयन मोर्चा छत्तीसगढ़ का बैनर लगा कर वक्ताओं द्वारा धर्मान्तरण जैसे शब्दो का प्रयोग कर अन्य धर्म जाति के लोगो नीचा दिखाने भाषण दिया जा रहा है। साथ ही हिन्दु धर्म को पण्डित लोग बनाये है, हिन्दु धर्म कोई धर्म नहीं होता है ऐसा भी वक्ताओं द्वारा भाषण दिया जा रहा है।
सूचना पर बालेश्वर व संचालक प्रवक्ता मनोज राजवाड़े तथा क्षेत्रीय प्रवक्ता रामप्रसाद राजवाडे मौके पर पहुंचे। मौके पर करीब दो हजार लोग एकत्रित हुये थे और माईक पर विलास खरात, सुनील डोंगरदिवे, अरविन्द कच्छप, रंजीत बड़ा व ब्लासियुस तिग्गा व अन्य लोगों द्वारा मंच के माध्यम से अलग अलग समय में हिन्दु धर्म व ब्राहमण जाति के खिलाफ आपतिजनक शब्द उच्चारित कर वहां पर अन्य लोगो के धार्मिक भावनाओं को ठेस व अपमान पहुंचा रहे थे।
जिसका रजवार समाज के पदाधिकारियों ने विरोध कर समझाईश दिया गया। साथ ही ऐसा कार्यक्रम न करने तथा तत्काल रजवार भवन प्रांगण को खाली करने बोला गया। जिस पर वहां पर उपस्थित विलास खरात, सुनील डोंगरदिवे, अरविन्द कच्छप, रंजीत बड़ा व ब्लासियुस तिग्गा व अन्य लोगों तथा राष्ट्रीय क्रिश्चयन मोर्चा छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता व कुछ लोग जो कि यातायात पुलिस की वर्दी में थे हाथपाई कर धमकी चमकी करने लगे। कुछ लोगों ने कहा कि जल, जंगल, जमीन हमारा है। रजवार भवन की रजिस्ट्री को भी निरस्त करवाने तथा केस में फसाने की धमकी दे रहे थे।
राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा पर छत्तीसगढ़ में पूर्णतः प्रतिबन्ध लगाया जाए। कल अंबिकापुर के गंगापुर में इन लोगों ने अपने वक्ताओं के द्वारा जो समाज में विद्ववेष पैदा करने का काम किया है, विशेषकर ब्राम्हण समाज, आरएसएस और सह संघ चालक के बारे में जो बातें की है उससे समाज और जनमानस में रोष है। तत्काल जहर उगलने वालों पर रासुका लगाया जाए।
आलोक दुबे
पार्षद व संयोजक सरगुजा सर्व बाम्हण समाज सरगुजा
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जो बोला गया वो सच है st sc obc मायनोरइटिस. हिन्दू नहीं है. मूल निवासी है.. इसके आलावा जो log बाकि है वो log हिन्दू है... भारत देश मे आग लगाने की कोसिस नहीं करना है. सब मिल के रहना है..