Firozabad Encounter: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन धरपकड़ अभियान के अंतर्गत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार देर रात थाना उत्तर पुलिस और जिले के कुख्यात टप्पेबाजों के गैंग के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह के दो सदस्य पैर में गोली लगने के कारण घायल हो गए। घायल बदमाशों को तत्काल प्रभाव से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र के अपराधियों के हौसलों पर बड़ा प्रहार किया है और आम नागरिकों में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।

बेंदी की पुलिया के पास मुठभेड़ का घटनाक्रम
शुक्रवार की रात फिरोजाबाद का थाना उत्तर क्षेत्र गोलियों की गूंज से थर्रा उठा। पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर में टप्पेबाजी और राहजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाला एक संगठित गैंग किसी बड़ी आपराधिक साजिश के तहत ‘बेंदी की पुलिया’ के समीप एकत्रित हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग ने तत्काल मोर्चा संभाला और इलाके की नाकेबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में गिरोह के मुख्य सदस्य जग्गू उर्फ जगदीश और सुभाष को पैर में गोली लगी और वे गिर पड़े। वहीं, भागने का प्रयास कर रहे उनके दो अन्य साथियों, तनुज और दिनेश को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया।

बुजुर्ग से लूट के बाद पुलिस की तीन टीमें थी सक्रिय
यह शातिर गिरोह पिछले कुछ समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। इनकी तलाश तब और तेज हो गई जब 23 जून को इसी गैंग ने थाना उत्तर क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बुजुर्ग को अपनी ठगी का शिकार बनाया। बदमाशों ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग की सोने की चेन और अंगूठी उड़ा ली थी और मौके से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद एसएसपी आदित्य लांग्हे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने तकनीक और मुखबिरों की मदद से जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप शुक्रवार रात अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
18 से अधिक संगीन मामलों का है लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों बदमाशों के पास से करीब 1.50 लाख रुपये नकद, तीन अवैध तमंचे, भारी मात्रा में जिंदा और खोखा कारतूस, तथा तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ये चारों आरोपी किसी एक क्षेत्र के अपराधी नहीं हैं, बल्कि ये एक संगठित गैंग की तरह कार्य करते थे। इनके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि इन चारों बदमाशों के खिलाफ आगरा और फिरोजाबाद के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, लूट, डकैती और टप्पेबाजी जैसे 18 से अधिक संगीन मामले पहले से ही दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि अन्य आपराधिक वारदातों का भी खुलासा किया जा सके।
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