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Pakistan Lashkar Rally: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा की खुली रैली! भारत के वॉन्टेड आतंकी होंगे शामिल, खुफिया एजेंसियाँ अलर्ट

Pakistan Lashkar Rally: भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार दुर्दांत आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) एक बार फिर पाकिस्तान में खुलेआम अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में लश्कर के मुख्यालय को ध्वस्त किए जाने के बाद, यह पहली बार होगा जब यह आतंकी संगठन पाकिस्तान में एक बड़ी रैली करने जा रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह रैली लश्कर को नए सिरे से खड़ा करने की पाक आर्मी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

2 नवंबर को लाहौर में होगी रैली

यह बड़ी रैली 2 नवंबर को लाहौर के ऐतिहासिक मीनार-ए-पाकिस्तान में आयोजित की जा रही है। यह रैली लश्कर की पॉलिटिकल विंग पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के बैनर तले बुलाई गई है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य जिहादियों को फिर से एकजुट करना और संगठन को मजबूत करना है।

हाफिज सईद का संदेश: सूत्रों के मुताबिक, इस रैली में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का संदेश पढ़ा जाएगा। लश्कर के टॉप आतंकी हाफिज अब्दुल रऊफ ने एक वीडियो जारी करके लोगों से इस रैली में ज़्यादा से ज़्यादा भीड़ जुटाने की अपील की है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बदला?

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान लश्कर के हेडक्वार्टर पर बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद संगठन को बड़ा झटका लगा था। अब यह रैली उसी झटके से उबरने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की एक बड़ी कवायद है।

रैली का चेहरा: रैली के पोस्टरों में पहलगाम हमले के बाद सुर्खियों में आए आतंकी सैफुल्ला कसूरी की तस्वीर लगाई गई है।

पाक सेना की प्लानिंग: सूत्रों का दावा है कि पाक आर्मी लश्कर-ए-तैयबा को फिर से खड़ा करने की योजना बना रही है ताकि उन्हें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सामने खैबर क्षेत्र में खड़ा किया जा सके।

भारत के वॉन्टेड आतंकी होंगे शामिल

सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लाहौर में होने वाली इस रैली में लश्कर के कई टॉप आतंकी शामिल हो सकते हैं, जो भारत के लिए वॉन्टेड हैं। इस रैली पर भारतीय खुफिया एजेंसियाँ पैनी नजर बनाए रखेंगी, क्योंकि यह भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और आतंकवाद के लिए नई भर्ती करने की एक बड़ी साजिश हो सकती है।

पाकिस्तान की धरती पर एक आतंकी संगठन का खुलेआम शक्ति प्रदर्शन करना अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी के लिए भी एक बड़ा सवाल है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसा है।

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