John Bolton on Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर सवाल खड़े करते हुए इसे अमेरिका की बड़ी भूल बताया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे रणनीतिक साझेदार देश के साथ व्यापारिक रिश्तों में टैरिफ के कारण रुकावट आई है।
बोल्टन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर फिर से बातचीत की संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अमेरिका को ऐसी रणनीति अपनानी चाहिए जिससे टैरिफ कम हों और विश्वास बहाली हो।
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में बोल्टन ने कहा,”टैरिफ पर आम सहमति बनाना और बातचीत के रास्ते खुले रखना अमेरिका और भारत दोनों के हित में है। हमें ऐसा समझौता करना चाहिए जो टैरिफ को कम करे और व्यापार को सुगम बनाए।” उन्होंने ट्रंप को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी को फोन कर सीधे संवाद करना चाहिए और क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत आना चाहिए।
बोल्टन ने ट्रंप द्वारा भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने पर भी सवाल उठाया। ट्रंप ने यह कदम भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के चलते उठाया था, लेकिन बोल्टन ने कहा कि “अगर यही वजह है तो चीन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? चीन भारत से कहीं ज्यादा तेल रूस से खरीदता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक रिश्ते हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। लेकिन भारत को धीरे-धीरे रूस पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
बोल्टन ने जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते सुधारने के लिए नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल बेहद अहम है। उन्होंने कहा “हमें विश्वास बहाली के लिए फिर से वार्ता शुरू करनी चाहिए। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे भारत को आर्थिक नुकसान पहुंचाए बिना रूस पर निर्भरता कम की जा सकती है।”
जब उनसे ट्रंप के भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता के दावे पर सवाल किया गया, तो बोल्टन ने तीखा जवाब देते हुए कहा “ट्रंप अक्सर वैश्विक घटनाओं का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। उनके लिए नोबेल पुरस्कार ज़्यादा मायने रखता है। यह बयान इस बात का प्रमाण है कि उन्हें भारत की विदेश नीति की जमीनी सच्चाई की जानकारी नहीं है।”
बोल्टन ने क्वाड (QUAD) – भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक मंच – के महत्व पर भी बात की और कहा कि ट्रंप को इसमें भाग लेने के लिए भारत आना चाहिए। “अगर दोनों नेता इस मुद्दे पर फिर से बातचीत के करीब आ रहे हैं, तो यह सकारात्मक संकेत है। क्वाड के जरिए चारों देशों को साझा हितों की दिशा में काम करना चाहिए।”
जॉन बोल्टन के ये बयान भारत-अमेरिका संबंधों में टैरिफ और रणनीतिक साझेदारी को लेकर नई बहस छेड़ते हैं। जहां एक ओर ट्रंप की टैरिफ नीति पर गंभीर सवाल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत को रूस से दूरी बनाने के लिए संतुलित रणनीति की वकालत भी की गई है।
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