Gujarat Crime: गुजरात के कच्छ जिले के औद्योगिक शहर गांधीधाम से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के रोटरी नगर इलाके में रहने वाले एक 50 वर्षीय व्यक्ति, करसनभाई को उनके ही पड़ोसियों ने डीजल डालकर जिंदा जला दिया। यह घटना उस समय हुई जब केवल घर के बाहर बैठने जैसी तुच्छ बात को लेकर दो परिवारों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। इस जघन्य अपराध ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि पड़ोसियों के बीच बढ़ती असहिष्णुता की एक डरावनी तस्वीर भी पेश की है।
घर के बाहर बैठने पर तकरार: कहासुनी से शुरू हुआ खूनी खेल
गांधीधाम बी-डिवीजन पुलिस के अनुसार, घटना 25 जनवरी की शाम को रोटरी नगर इलाके में हुई। पीड़ित करसनभाई अपने घर के बाहर बैठे थे, जिस पर उनके पड़ोसियों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसियों ने समूह बनाकर करसनभाई को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने गुस्से में अपना आपा खो दिया और किसी भी तरह के मानवीय व्यवहार को ताक पर रखते हुए हिंसक वारदात की पटकथा लिख दी।
बाथरूम में पीछा कर लगाई आग: तड़प-तड़प कर हुई मौत
मारपीट के दौरान करसनभाई खुद को बचाने के लिए भागकर अपने घर के बाथरूम में घुस गए। लेकिन आरोपियों की क्रूरता यहाँ भी नहीं थमी। हमलावर उनके पीछे-पीछे घर के अंदर तक जा पहुंचे और वहां उन पर डीजल उड़ेल दिया। इससे पहले कि करसनभाई कुछ समझ पाते, आरोपियों ने उन्हें आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों से घिरे करसनभाई के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन वहां पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक उनका शरीर बुरी तरह झुलस चुका था।
अस्पताल में आखिरी बयान: दम तोड़ने से पहले बताई सच्चाई
गंभीर रूप से झुलसे करसनभाई को तुरंत भुज के जीके जनरल अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, जिसके कारण पुलिस ने रात में ही कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनका ‘मृत्यु पूर्व बयान’ (Dying Declaration) दर्ज किया। अपने आखिरी शब्दों में उन्होंने अपने पड़ोसियों के नाम लिए और पूरी घटना का वर्णन किया। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस ने मामले को हत्या की धारा (IPC 302/BNS) के तहत दर्ज कर लिया।
दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार: फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस इंस्पेक्टर एसवी गोजिया की टीम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और मुखबिरों की सूचना पर तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 30 वर्षीय प्रेमिलाबेन नरेशभाई मातंग, 36 वर्षीय अंजूबेन उर्फ अजीबेन हरेशभाई मातंग और 47 वर्षीय चिमनाराम गोमाराम मारवाड़ी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस साजिश में एक अन्य महिला मंजुबेन लाहिड़ीभाई माहेश्वरी भी शामिल थी, जो फिलहाल फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
सामाजिक सरोकारों पर सवाल: क्या अब पड़ोसी भी सुरक्षित नहीं?
गांधीधाम की इस घटना ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घर के बाहर बैठने जैसी छोटी सी बात पर किसी व्यक्ति को जिंदा जला देना यह दर्शाता है कि आपसी बातचीत और सामंजस्य की जगह अब हिंसक प्रवृत्तियां ले रही हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है और वे आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को फास्ट ट्रैक मोड में ले जाएंगे ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
















