गुजरात

Gandhinagar Water Crisis: गांधीनगर में दूषित पानी का कहर, टायफाइड की चपेट में सैकड़ों लोग, प्रशासन में हड़कंप

Gandhinagar Water Crisis: गुजरात की राजधानी गांधीनगर इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रही है। शहर के विभिन्न सेक्टरों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इंदौर में हुई पिछली घटनाओं की तर्ज पर अब गांधीनगर के हर दूसरे घर में टायफाइड और जलजनित रोगों के मरीज मिल रहे हैं। दूषित पानी के सेवन से बीमार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें युद्ध स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटी हुई हैं।

Gandhinagar Water Crisis : बीमारी का बढ़ता आंकड़ा: 10 हजार घरों का विशाल सर्वे

गांधीनगर के प्रभावित सेक्टरों में स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग ने अब तक करीब 10,000 घरों का विस्तृत सर्वे कराया है। शनिवार को जहाँ बीमारों की संख्या 100 के करीब थी, वहीं रविवार तक यह आंकड़ा 120 को पार कर गया है। टायफाइड के बढ़ते मामलों ने स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। आलम यह है कि लोग संक्रमण के डर से अपने घरों में ताले लगाकर गांव या रिश्तेदारों के यहाँ पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

Gandhinagar Water Crisis: लीकेज बनी आफत: सीवरेज का गंदा पानी पेयजल लाइनों में मिला

इस महामारी के पीछे मुख्य कारण बुनियादी ढांचे की विफलता बताई जा रही है। जांच के दौरान पेयजल की पाइपलाइनों में 10 से अधिक प्रमुख लीकेज पाए गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सीवरेज (गंदा पानी) लाइन में लीकेज होने के कारण मल-मूत्र युक्त दूषित पानी पीने के पानी की लाइनों में मिल गया। यही कारण है कि इसे पीने वाले लोग एक साथ बीमार पड़ने लगे। वर्तमान में सिविल अस्पताल में 42 मरीजों का उपचार चल रहा है, जबकि दर्जनों अन्य लोग स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों में भर्ती हैं।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लिया संज्ञान: दिल्ली से रखी जा रही नजर

गांधीनगर क्षेत्र से जुड़ी इस समस्या पर केंद्र सरकार भी पूरी तरह गंभीर है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को तीन बार फोन कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से प्रभावित परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर चिंता व्यक्त की है। शाह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिवार को उपचार में असुविधा नहीं होनी चाहिए और इस स्थिति पर नियमित अपडेट उन्हें उपलब्ध कराया जाए।

उपमुख्यमंत्री संघवी का एक्शन: अस्पतालों में मरीजों से की मुलाकात

राज्य के उपमुख्यमंत्री संघवी ने हालात का जायजा लेने के लिए गांधीनगर के महापौर, कलेक्टर और मेडिकल विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इसके बाद उन्होंने स्वयं सरकारी अस्पताल पहुँचकर उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम को जांच और उपचार के काम में झोंक दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल हेल्थ कैंप लगाए गए हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

समाधान की राह: 15 दिनों में नए प्रोजेक्ट से मिलेगा शुद्ध जल

प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक दीर्घकालिक योजना पर काम शुरू कर दिया है। गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सेक्टरों में शुद्ध जल आपूर्ति के लिए एक नया ‘क्लीन वॉटर प्लान’ तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री संघवी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अगले 10 से 15 दिनों के भीतर पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। तब तक प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकरों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से सुरक्षित पानी पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नागरिकों को दूषित पानी से राहत मिल सके।

Read More: Chhattisgarh Crime: छत्तीसगढ़ के गौरेला में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से की हत्या

Thetarget365

Recent Posts

ECI Press Conference LIVE : पांच राज्यों में चुनावी तारीखों का ऐलान, 4 मई को आएंगे नतीजे

ECI Press Conference LIVE  :भारत निर्वाचन आयोग ने देश के पांच प्रमुख राज्यों—असम, केरल, तमिलनाडु,…

30 minutes ago

West Bengal Election 2026: ममता बनर्जी का बड़ा दांव, पुरोहितों और मुअज्जिनों का मानदेय ₹500 बढ़ाया

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीखों के आधिकारिक ऐलान से…

56 minutes ago

Dilip Ghosh Kalighat: दिलीप घोष की ‘कालीघाट’ वाली चेतावनी से मचा बवाल, क्या ममता का किला ढहा पाएगी बीजेपी?

Dilip Ghosh Kalighat: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी पारा अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री…

1 hour ago

This website uses cookies.