Gariaband Naxal News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। दुर्गम जंगलों और पथरीली पहाड़ियों के बीच छिपी एक विनाशकारी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। यह सफलता केवल हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने नक्सलियों के उस अभेद्य सूचना तंत्र को भी ध्वस्त कर दिया है, जिसे वे अपनी ढाल मानते थे। सुरक्षाबलों ने जमीन के नीचे छिपाए गए विस्फोटक और हथियारों को निकालकर माओवादियों के ‘ब्लूप्रिंट’ को पूरी तरह से विफल कर दिया है।
ऑपरेशन क्लीन स्वीप: आत्मसमर्पित नक्सलियों के इनपुट पर मिली बड़ी सफलता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका खुफिया जानकारी और आत्मसमर्पित नक्सलियों की रही। कभी संगठन के लिए काम करने वाले इन पूर्व माओवादियों ने पुलिस को उन गुप्त ठिकानों का सटीक विवरण दिया, जहां धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के कैडरों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद डंप किया था। इसी सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की ई-30 (E-30), सीएएफ (CAF) और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीम ने मैनपुर के कुकरार और पीपरछेड़ी के कमारभौदी इलाके की पहाड़ियों में तलाशी अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान जमीन के भीतर मौत का सामान दबा मिला, जिसे देखकर सुरक्षाबल भी हैरान रह गए।
लूटी हुई रायफल और घातक गोला-बारूद बरामद: किसी बड़ी वारदात की थी तैयारी
सुरक्षाबलों के हाथ वे हथियार भी लगे हैं, जो नक्सलियों ने पूर्व में पुलिस बल पर हमला कर लूटे थे। बरामदगी में एक .303 रायफल शामिल है, जो कभी पुलिस विभाग की शान हुआ करती थी। इसके अलावा एक देशी पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। बीडीएस (बम निरोधक दस्ता) की मौजूदगी में की गई इस जांच से साफ होता है कि माओवादी सुरक्षाबलों पर किसी बड़े ‘एम्बुश’ (Ambush) या हिंसक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
बरामद सामग्री की सूची: हथियारों से लेकर तकनीकी उपकरणों तक का खुलासा
नक्सलियों के ठिकाने से न केवल हथियार, बल्कि उनका लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम भी बेनकाब हुआ है। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
-
हथियार: पुलिस से लूटी गई .303 रायफल और एक देशी पिस्टल।
-
गोला-बारूद: 43 घातक डेटोनेटर, 12 बोर के 31 राउंड और 8 एमएम के 48 कारतूस।
-
तकनीकी उपकरण: 2 वॉकी-टॉकी, पावर बैकअप के लिए 2 सोलर प्लेट, मल्टीमीटर और इन्वर्टर।
-
दैनिक सामग्री: पहाड़ियों पर लंबे समय तक टिकने के लिए जरूरी राशन और अन्य आवश्यक सामान।
दहशत फैलाने का मंसूबा हुआ नाकाम: सुरक्षाबलों ने ढाया नक्सलियों का किला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित माओवादी संगठन इन विस्फोटकों और उपकरणों का उपयोग सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के बीच दहशत पैदा करने के लिए करने वाला था। संगठन के कुछ कैडरों द्वारा सरेंडर करने से पूर्व इन सामग्रियों को सुरक्षित स्थान पर छिपाया गया था ताकि भविष्य में इनका उपयोग किया जा सके। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ ने नक्सलियों के विनाशकारी मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सर्चिंग और तेज कर दी गई है।
















