Gaza Humanitarian Crisis : गाज़ा पट्टी में इज़राइली सैन्य कार्रवाई और नाकाबंदी के चलते मानवीय संकट गहराता जा रहा है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से शुरू हुए संघर्ष में अब तक 61,944 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.55 लाख से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस नरसंहार में हर गुजरते दिन के साथ मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

भुखमरी से सात और मौतें, 110 बच्चे भी शामिल
गाज़ा में भोजन और दवाइयों की भारी किल्लत के चलते पिछले 24 घंटों में 7 लोगों की मौत भुखमरी और कुपोषण से हुई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। अक्टूबर से अब तक 258 लोगों की मौत इसी वजह से हो चुकी है। 110 मृतक बच्चे थे। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, गाज़ा की 24 लाख आबादी में से अधिकांश लोग अब अकाल जैसी स्थिति में जी रहे हैं।

मानवीय सहायता पाने में मौत
शनिवार को मानवीय सहायता लेने की कोशिश कर रहे नागरिकों पर इज़राइली सेना द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 14 लोग मारे गए और 132 घायल हुए। 27 मई से अब तक 1,938 लोगों की मौत मानवीय सहायता एकत्र करते समय हुई है, और 14,420 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह संख्या बताती है कि गाज़ा में भोजन पाने की कोशिश भी जानलेवा साबित हो रही है।
बमबारी और ज़मीनी हमलों से भारी नुकसान
हालांकि जनवरी 2025 में युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली का समझौता हुआ था, लेकिन 18 मार्च से इज़राइल ने फिर से हमले शुरू कर दिए। इसके बाद से अब तक 10,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 43,845 घायल हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लगातार इस स्थिति पर चिंता जता रहा है। संयुक्त राष्ट्र, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), और मानवाधिकार संगठन लगातार युद्धविराम और गाज़ा में राहत सामग्री पहुँचाने की मांग कर रहे हैं।
ICC (अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय) ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। वहीं, ICJ (अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय) में इज़राइल के खिलाफ नरसंहार का मुकदमा चल रहा है।
“गाज़ा दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित अकाल बन सकता है” – WFP
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि गाज़ा अब दुनिया का सबसे बड़ा मानव-निर्मित अकाल बन सकता है। बिजली, ईंधन और दवाइयों की कमी से अस्पतालों में सेवाएं लगभग ठप हैं। लाखों लोग अस्थायी शिविरों और मलबे में शरण लिए हुए हैं, जहां जीवित रहना एक संघर्ष बन गया है।
“यह सिर्फ युद्ध नहीं, मानवता की हार है” – स्वास्थ्य मंत्रालय
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा“लोग सिर्फ बमों से नहीं, भूख और चिकित्सा सेवाओं की अनुपलब्धता से भी मर रहे हैं। यह संकट अब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नैतिक परीक्षा बन चुका है।”गाज़ा में चल रहा यह संघर्ष अब केवल सैन्य नहीं रहा, बल्कि यह एक मानवीय त्रासदी बन चुका है। मृतकों की संख्या 62,000 के करीब पहुंच चुकी है, और हर दिन यह आंकड़ा बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, लेकिन मौजूदा हालात में तत्काल युद्धविराम और राहत सामग्री की आपूर्ति न होने की स्थिति में गाज़ा में और अधिक जानें जाने का खतरा बना हुआ है।











