Girodhpuri Dham fire
Girodhpuri Dham fire : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित सतनामी समाज के सबसे बड़े आस्था के केंद्र और बाबा गुरु घासीदास की पावन तपोभूमि, गिरौदपुरी धाम से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की सुबह मंदिर परिसर के बेहद करीब स्थित बाजार क्षेत्र में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आने से लगभग 10 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। गनीमत यह रही कि स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की त्वरित सक्रियता के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, अन्यथा एक बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना एक अप्रत्याशित हादसे का परिणाम थी। बताया जा रहा है कि मंदिर के पास लगे एक बिजली ट्रांसफार्मर पर अचानक एक बंदर कूद गया। बंदर के कूदने से बिजली की लाइनों में शॉर्ट सर्किट हुआ और डीओ (ड्रॉप आउट) उड़ने के दौरान भयंकर चिंगारियां निकलीं। सूखी घास और पास की दुकानों में रखे ज्वलनशील सामान के कारण उन चिंगारियों ने तुरंत आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी ऊंची उठने लगीं कि आसपास के दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई।
आग लगने वाली दुकानों में मुख्य रूप से साड़ियां, रेडीमेड कपड़े और लकड़ी से बनी हस्तशिल्प सामग्रियां रखी हुई थीं। चूंकि ये सभी वस्तुएं अत्यधिक ज्वलनशील होती हैं, इसलिए आग ने बहुत तेजी से एक दुकान से दूसरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि चंद मिनटों के भीतर ही उनकी आंखों के सामने उनकी मेहनत की कमाई राख में तब्दील हो गई। दुकानों के भीतर रखा सारा स्टॉक और फर्नीचर पूरी तरह जल गया है, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही गिरौदपुरी पुलिस चौकी की टीम हरकत में आ गई। चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अश्वनी पडवार के नेतृत्व में पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। चूंकि फायर ब्रिगेड को पहुंचने में समय लग सकता था, इसलिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। लोगों ने घरों और पास के जल स्रोतों से बाल्टियों और बर्तनों में पानी भरकर आग पर डालना शुरू किया। इस सामूहिक प्रयास का ही नतीजा था कि आग को मुख्य मंदिर परिसर की ओर बढ़ने से पहले ही रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षति होने से बच गई।
काफी मशक्कत के बाद जब फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, तब तक पुलिस और ग्रामीणों ने आग की तीव्रता को काफी हद तक कम कर दिया था। दमकल कर्मियों ने पुलिस के साथ मिलकर अंततः आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने पुलिस टीम और ग्रामीणों की सूझबूझ की सराहना की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को फैलने से रोका।
आग बुझने के बाद अब प्रशासन नुकसान के आंकलन में जुट गया है। राजस्व विभाग और पुलिस की टीम संयुक्त रूप से प्रभावित दुकानदारों के सामान और संपत्ति के नुकसान का पंचनामा तैयार कर रही है। जिन दुकानदारों की जीविका इन छोटी दुकानों पर निर्भर थी, वे अब सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और प्रभावितों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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