Gold price history: करवाचौथ से पहले देश में सोने की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को गोल्ड के दाम ₹1,26,600 प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गए। बीते तीन दिनों में सोने की कीमतों में ₹6,000 तक का उछाल देखा गया है।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को गोल्ड की कीमत ₹1,24,000 पर थी, जो बुधवार को ₹2,600 की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गई। सोमवार को भी ₹2,700 की बड़ी तेजी देखी गई थी। इस हफ्ते के शुरुआती तीन दिनों में कुल ₹6,000 का इजाफा निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में सरकारी शटडाउन, यूक्रेन युद्ध, जापान और फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता जैसे कई वैश्विक कारकों के चलते निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड की ओर बढ़ा है। इसके अलावा दुनिया भर के सेंट्रल बैंक बड़े पैमाने पर गोल्ड खरीद रहे हैं, जिससे मांग में भारी इजाफा हो रहा है। कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला बताती हैं कि अमेरिकी इकॉनमी में अनिश्चितता, फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती और डॉलर में कमजोरी की वजह से गोल्ड में बेतहाशा तेजी आई है।
वैश्विक बाजारों में भी रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हाजिर सोना लगभग 2% की बढ़त के साथ $4,049.59 प्रति औंस पर पहुंच गया है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। चांदी भी 2% से अधिक बढ़कर $48.99 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर कारोबार करती दिखी।
चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल
दिल्ली में बुधवार को चांदी की कीमतें ₹3,000 की तेजी के साथ ₹1,57,000 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गईं। सोमवार को चांदी ₹1,57,400 के रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी थी। मंगलवार को यह ₹1,54,000 पर बंद हुई थी।
वायदा बाजार में भी रफ्तार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी सोना और चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर गई हैं। शाम 5:55 बजे सोना ₹1,800 की बढ़त के साथ ₹1,22,912 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान सोना ₹1,23,080 के नए रिकॉर्ड पर पहुंचा। वहीं, चांदी ₹3,346 की तेजी के साथ ₹1,49,138 तक जा पहुंची।
त्योहारी सीजन और करवाचौथ जैसे मांग वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में इस ऐतिहासिक बढ़त ने आम खरीदारों की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन निवेशकों के लिए यह एक फायदे का सौदा साबित हो रहा है। यदि भू-राजनीतिक संकट और वैश्विक अनिश्चितता बनी रही, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दामों में और भी तेजी देखी जा सकती है।











