Gold Silver Rate: भारतीय वायदा बाजार (MCX) में मंगलवार, 3 मार्च को कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते चांदी की कीमतों में करीब 20 हजार रुपए (7%) की बड़ी सेंध लगी है, जिससे 1 किलो चांदी का भाव 2.58 लाख रुपए पर आ गया। गौरतलब है कि सोमवार को यही भाव 2.78 लाख रुपए के स्तर पर था। केवल चांदी ही नहीं, बल्कि सोने में भी करीब 7 हजार रुपए (4%) की गिरावट देखी गई। अब 10 ग्राम सोने की कीमत 1.59 लाख रुपए रह गई है, जो कल तक 1.66 लाख रुपए पर टिकी थी।

सर्राफा बाजार का हाल: रिकॉर्ड तेजी के बाद आज कारोबार बंद
होली के अवकाश के कारण आज सर्राफा बाजार बंद रहा, लेकिन इससे पहले 2 मार्च को बाजार में ऐतिहासिक तेजी देखी गई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को चांदी 23 हजार रुपए की छलांग लगाकर 2.90 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी। वहीं, 24 कैरेट सोना 8 हजार रुपए महंगा होकर 1.67 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर को छू गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार की तेजी का मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव था, जिसने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की ओर आकर्षित किया।
सालाना प्रदर्शन: इस साल सोने ने 34 हजार तो चांदी ने 60 हजार की छलांग लगाई
साल 2026 में कीमती धातुओं ने निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले साल के अंत में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.67 लाख रुपए के स्तर तक जा चुका है। यानी इस साल अब तक सोने की कीमत में 34 हजार रुपए का इजाफा हुआ है। चांदी की चमक और भी अधिक रही है, जिसकी कीमत में इस अवधि के दौरान 60 हजार रुपए की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं ने इन धातुओं को लगातार मजबूती प्रदान की है।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या सोना 1.72 लाख और चांदी 3.30 लाख पार करेगी?
LKP सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, आने वाला हफ्ता अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों (मैन्युफैक्चरिंग और बेरोजगारी दर) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीकी रूप से सोना जब तक ₹1,64,000 के ऊपर बना हुआ है, तब तक इसमें तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। यदि यह ₹1,72,000 का स्तर पार करता है, तो नई ऊंचाई देखने को मिल सकती है। वहीं, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि चांदी अगर ₹2.50 लाख से ₹2.70 लाख के दायरे में टिकती है, तो यह दोबारा ₹3.20 लाख से ₹3.30 लाख तक का सफर तय कर सकती है।
इन दो कारकों पर टिकी है बाजार की अगली चाल
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों का उतार-चढ़ाव दो प्रमुख बातों पर निर्भर करेगा:
मिडल ईस्ट संकट: यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और गहराता है या कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो सोने-चांदी की सुरक्षित मांग फिर से बढ़ेगी।
अमेरिकी डेटा: यदि अमेरिका के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो डॉलर इंडेक्स मजबूत होगा, जो आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालता है।
ग्राहकों के लिए सलाह: सोना खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
यदि आप इस गिरावट का लाभ उठाकर गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो दो बातों का विशेष ध्यान रखें। पहला, हमेशा BIS हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क पर लगा अल्फान्यूमेरिक कोड सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। दूसरा, खरीदारी से पहले भाव को IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइटों से क्रॉस-चेक करें, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं।
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