Gold Silver Rate Today
Gold Silver Rate Today: मध्य-पूर्व (मिडल-ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच सर्राफा बाजार से चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं। आमतौर पर युद्ध और अनिश्चितता के समय ‘सुरक्षित निवेश’ माना जाने वाला सोना इस बार निवेशकों को राहत देने में नाकाम रहा है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भाव 4,320 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि सोने में पिछले लगातार आठ सत्रों से गिरावट जारी है, जिसे साल 1983 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट माना जा रहा है। इस मंदी ने निवेशकों के पोर्टफोलियो में बड़ी सेंध लगा दी है।
वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। सोमवार, 23 मार्च 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही कीमतों में सुनामी आ गई। चांदी की कीमतों में 6% की भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। वहीं, शुद्ध सोना (24 कैरेट) लगभग 5% फिसलकर 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। सिंगापुर के हाजिर बाजार (Spot Gold) में भी सोना 3.3% और चांदी 3.4% टूटकर क्रमश: 4,343 डॉलर और 65.61 डॉलर पर बंद हुए। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर भी बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई जटिल आर्थिक कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य वैश्विक केंद्रीय बैंकों का रुख है। बैंकों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है। मध्य-पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक महंगाई (Inflation) का खतरा और गहरा गया है। जब ब्याज दरें ऊँची रहती हैं, तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट के बजाय बॉन्ड्स और अन्य वित्तीय साधनों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे सोने की मांग घट जाती है और कीमतें नीचे आती हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण कारण ‘मजबूरी में बिकवाली’ (Liquidation) है। युद्ध के कारण जब शेयर बाजार और अन्य निवेश क्षेत्रों में घाटा होता है, तो बड़े निवेशक और हेज फंड्स अपने नुकसान की भरपाई और मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए सोने के भंडार को बेचते हैं। इसके अलावा, ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी गई चेतावनी ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इस अनिश्चितता के कारण नकदी की मांग बढ़ गई है, जिससे कमोडिटी मार्केट से पैसा बाहर निकल रहा है।
तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो सोना फिलहाल “ओवरसोल्ड” (जरूरत से ज्यादा बिकवाली) जोन में पहुँच चुका है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 30 के स्तर से नीचे गिर गया है, जो संकेत देता है कि भविष्य में कीमतों में शॉर्ट-टर्म बाउंसबैक या उछाल आ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है या तेल की कीमतें अनियंत्रित होती हैं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट धीरे-धीरे पोर्टफोलियो में सोना जोड़ने का एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है।
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