Gold Silver Rate
Gold Silver Rate: वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजारों में सोमवार, 16 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पिछले कुछ सत्रों से लगातार नई ऊंचाई छूने के बाद, आज कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तरों पर की गई ‘मुनाफावसूली’ (Profit Booking) को माना जा रहा है। गौरतलब है कि अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने $5,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक जादुई आंकड़े को पार कर लिया था, लेकिन अब बाजार कुछ ठंडा पड़ता नजर आ रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। सोना ₹1.55 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसलकर ₹1,54,824 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। चांदी की बात करें तो इसमें और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव ₹7,000 से अधिक टूटकर ₹2,36,908 प्रति किलोग्राम पर आ गया है। यह गिरावट उन खरीदारों के लिए राहत भरी हो सकती है जो पिछले कई दिनों से आसमान छूते भावों के कारण खरीदारी से बच रहे थे।
यदि हम पिछले सत्र यानी 15 फरवरी के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बाजार में जबरदस्त उबाल था। बीते कल चांदी की कीमत ₹2,43,715 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर जा पहुंची थी, जिसमें एक ही दिन में ₹7,280 (3.08%) की भारी बढ़त देखी गई थी। इसी तरह, सोना भी ₹1,55,655 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। आज की गिरावट ने पिछले सत्र की लगभग पूरी बढ़त को कम कर दिया है, जिससे बाजार में एक बार फिर स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
वैश्विक मंच पर भी कीमती धातुओं के दाम दबाव में नजर आ रहे हैं। सोमवार को एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) 0.27% की गिरावट के साथ $5,033 प्रति औंस पर आ गया। चांदी के वैश्विक भाव में और भी तीव्र गिरावट देखी गई; स्पॉट सिल्वर 2.08% गिरकर $76.34 प्रति औंस पर आ गया है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी इन कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
कीमतों में आई इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। बाजार विशेषज्ञ इसे एक ‘करेक्शन’ के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का एक शानदार अवसर हो सकता है। हालांकि, छोटे समय के ट्रेडर्स को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए, क्योंकि बाजार में अस्थिरता जारी रहने की संभावना है। यदि भाव में थोड़ी और नरमी आती है, तो यह संचय (Accumulation) के लिए एक आदर्श समय साबित होगा।
सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट लंबे समय तक टिकेगी या नहीं, यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, भारतीय बाजार में शादियों के सीजन को देखते हुए मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, जिससे निचले स्तरों पर फिर से लिवाली (Buying) लौट सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की दिशा को देखते हुए किस्तों में निवेश करें।
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