Chrome Speed Boost Trick : आज के डिजिटल युग में दुनिया भर के करोड़ों लोग अपने स्मार्टफोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर रोजाना इंटरनेट सर्फिंग के लिए गूगल क्रोम (Google Chrome) का इस्तेमाल करते हैं। लोकप्रिय होने के बावजूद, बहुत कम यूजर्स को यह पता है कि क्रोम ब्राउज़र के भीतर एक ऐसा अनूठा और छिपा हुआ फीचर मौजूद है, जो किसी भी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड को दोगुना तेज कर सकता है। इस बेहतरीन तकनीकी फीचर का नाम ‘प्रीलोड पेजेस’ (Preload Pages) है।

जब आप इस हिडन सेटिंग को अपने ब्राउज़र में एक्टिवेट कर देते हैं, तो क्रोम एडवांस एल्गोरिदम की मदद से उन सभी वेब पेजों को बैकग्राउंड में पहले से लोड यानी तैयार करना शुरू कर देता है, जिन पर आपके द्वारा क्लिक किए जाने की संभावना सबसे अधिक होती है। यदि आप अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स स्क्रॉल करते हैं या अपने दफ्तर के काम के दौरान एक साथ कई वेबसाइट्स खोलते हैं, तो यह एक छोटी सी सेटिंग आपके इंटरनेट सर्फिंग के अनुभव को बेहद शानदार और तेज बना सकती है।

क्या है प्रीलोड पेजेस फीचर और यह बैकग्राउंड में कैसे काम करता है?
तकनीकी रूप से समझें तो ‘Preload Pages’ गूगल क्रोम का एक इन-बिल्ट (पहले से मौजूद) परफॉर्मेंस फीचर है, जिसका एकमात्र उद्देश्य यूजर के कीमती समय को बचाना और वेबसाइट्स को पलक झपकते ही खोलना है। यह स्मार्ट फीचर आपके पिछले ब्राउज़िंग इतिहास और सर्च पैटर्न का बारीकी से अनुमान लगाता है। इसके बाद, जिन लिंक्स पर आप अगली बार जा सकते हैं, उन्हें यह बैकग्राउंड में पहले से ही डाउनलोड करके रख लेता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जब आप वास्तव में उस लिंक या वेबसाइट पर क्लिक करते हैं, तो डेटा पहले से तैयार होने के कारण वह बिना किसी बफरिंग या देरी के तुरंत स्क्रीन पर आ जाती है। इससे यूजर का इंतजार पूरी तरह खत्म हो जाता है और इंटरनेट सर्फिंग काफी स्मूथ महसूस होती है।
इन प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और डिवाइसों पर आसानी से काम करता है यह फीचर
गूगल क्रोम का यह दमदार प्रीलोड पेजेस फीचर किसी एक डिवाइस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लगभग सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध है। आप इसका लाभ निम्नलिखित डिवाइसेज पर उठा सकते हैं:
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एंड्रॉइड (Android) स्मार्टफोन और टैबलेट्स
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एप्पल आईफोन (iPhone) और आईपैड
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विंडोज (Windows) ऑपरेटिंग सिस्टम वाले पीसी और लैपटॉप
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मैक (Mac) कंप्यूटर और मैकबुक
अपनी सुविधा और इंटरनेट की उपलब्धता के अनुसार यूजर्स इसमें दो तरह के मोड्स का चयन कर सकते हैं—पहला ‘स्टैंडर्ड प्रीलोडिंग’ (Standard Preloading) और दूसरा ‘एक्सटेंडेड प्रीलोडिंग’ (Extended Preloading)। इनमें से एक्सटेंडेड मोड अधिक संख्या में वेब पेजों को बैकग्राउंड में एडवांस लोड करता है, जिससे इंटरनेट की स्पीड कई गुना अधिक बेहतर हो जाती है।
डेस्कटॉप या कंप्यूटर पर इस सीक्रेट सेटिंग को ऑन करने का आसान तरीका
यदि आप अपने ऑफिस या घर के कंप्यूटर (Windows या Mac) पर गूगल क्रोम का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी स्पीड बढ़ाने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
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सबसे पहले अपने सिस्टम पर Google Chrome ब्राउज़र खोलें।
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स्क्रीन पर ऊपर की तरफ दाईं ओर दिख रहे थ्री डॉट्स (तीन बिंदुओं वाले मेन्यू) पर क्लिक करें।
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सामने आए विकल्पों में से Settings (सेटिंग्स) के विकल्प में जाएं।
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अब बाईं तरफ के मेन्यू में से Performance (परफॉर्मेंस) सेक्शन को खोलें।
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वहां आपको Preload Pages का विकल्प दिखेगा, उसके सामने वाले बटन को ऑन कर दें।
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अधिकतम और सुपरफास्ट स्पीड का आनंद लेने के लिए Extended Preloading मोड को सिलेक्ट करें।
मोबाइल फोन (Android और iPhone) पर कैसे एक्टिवेट करें यह स्पीड बूस्टर?
स्मार्टफोन पर इंटरनेट चलाने वाले एंड्रॉइड और आईफोन यूजर्स भी बेहद आसान स्टेप्स के जरिए इस स्पीड बूस्टर फीचर को चालू कर सकते हैं:
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अपने मोबाइल फोन में Chrome ऐप को ओपन करें।
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ऊपर या नीचे कोने में बने थ्री डॉट्स मेन्यू पर टैप करें।
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मेन्यू लिस्ट में से Settings वाले विकल्प पर क्लिक करें।
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इसके बाद, थोड़ा नीचे स्क्रॉल करके Privacy and Security (प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी) विकल्प को चुनें।
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यहां आपको Preload Pages का एक सीधा ऑप्शन दिखाई देगा, उस पर टैप करें।
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अपनी आवश्यकता के अनुसार Standard या Extended में से किसी एक मोड को चुनकर सेटिंग सेव कर लें।
क्या इस स्पीड बूस्टर फीचर को चालू करने के कुछ नुकसान भी हैं?
यद्यपि यह आधुनिक फीचर आपके ब्राउज़िंग अनुभव और स्पीड को काफी हद तक बढ़ा देता है, लेकिन इसके इस्तेमाल के साथ एक छोटा सा तकनीकी समझौता भी जुड़ा हुआ है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चूंकि क्रोम आपकी संभावित वेबसाइट्स को आपके क्लिक करने से पहले ही बैकग्राउंड में डाउनलोड करता है, इसलिए इसके कारण:
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आपके मोबाइल डेटा (Internet Data) की खपत सामान्य से थोड़ी अधिक बढ़ सकती है।
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बैकग्राउंड रनिंग की वजह से डिवाइस की रैम (RAM) और मेमोरी का अधिक इस्तेमाल होता है।
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सटीक अनुमान लगाने के लिए ब्राउज़र इंटरनेट कुकीज (Cookies) का अधिक उपयोग करता है।
इसीलिए, यदि आपके पास एक सीमित या महंगा डेटा प्लान है, तो आपको ‘Extended’ मोड की जगह ‘Standard’ मोड का ही चयन करना चाहिए ताकि डेटा भी बचे और स्पीड भी मिले।
आम इंटरनेट उपभोक्ताओं के लिए क्यों बेहद वरदान साबित हो सकता है यह फीचर?
जो लोग अक्सर धीमी स्पीड वाली वेबसाइट्स और लोडिंग बफरिंग से परेशान रहते हैं, उनके लिए क्रोम की यह इन-बिल्ट सेटिंग एक बेहद आसान और मुफ्त समाधान है। इस फीचर की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको अपने फोन या पीसी में कोई भी थर्ड-पार्टी भारी ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ता और न ही कोई नया महंगा डिवाइस खरीदने की जरूरत होती है।
हालांकि, यह फीचर आपके कमजोर या खराब इंटरनेट कनेक्शन को अचानक तेज नहीं कर सकता, लेकिन यह वेबसाइट के बुनियादी तत्वों को पहले से संभालकर आपके ब्राउज़िंग अनुभव को बेहद तेज, रिस्पॉन्सिव और स्मूथ जरूर बना देता है। विशेष रूप से वे छात्र, कामकाजी पेशेवर और लोग जो दिनभर इंटरनेट पर एक्टिव रहते हैं, रिसर्च करते हैं या ब्लॉग और खबरें पढ़ते हैं, उन्हें इस हिडन फीचर को ऑन करने के बाद क्रोम की स्पीड में एक बड़ा और साफ अंतर महसूस होगा।
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