Gujarat news
Gujarat news: गुजरात के सूरत शहर से एक स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का शव उनके अपने घर के बाथरूम में मिला है। पुलिस अब महिला की मौत के कारणों की गहराई से जाँच कर रही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के कई राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य चल रहा है, जिसके तहत बीएलओज़ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
गुजरात में बीएलओ का कार्य कर रहे सरकारी कर्मचारियों की मौत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिसने चिंता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में, सूरत नगर निगम में कार्यरत एक महिला बीएलओ की अचानक मौत हो गई है, जिससे उनके परिवार में गहरा मातम पसरा है।
जानकारी के मुताबिक, सूरत नगर निगम में कार्यरत और बीएलओ के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाल रहीं डिंकल सिंगोड़ीवाला अपने घर के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिलीं। घबराए परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन दुर्भाग्यवश, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस आकस्मिक और दुखद घटना से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। डिंकल सिंगोड़ीवाला को SIR के काम के तहत ही बीएलओ की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने अब जाँच शुरू कर दी है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
सूरत की डिप्टी कलेक्टर नेहा सवाना ने इस दुखद मामले पर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि डिंकल सिंगोड़ीवाला एक अत्यंत कुशल बीएलओ थीं और वह अपने क्षेत्र में अब तक 45% जितना कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी थीं।
डिप्टी कलेक्टर के अनुसार, प्राथमिक जाँच में यह पता चला है कि जब डिंकल बाथरूम में थीं, तो वहाँ वेंटिलेशन (हवा निकासी) की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई है कि डिंकल की मौत का कारण गैस गीजर से निकलने वाली ज़हरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) हो सकती है। उन्होंने कहा, “बाथरूम में वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहाँ गैस गीजर से निकलने वाली ज़हरीली गैस की वजह से उनकी मौत हुई है, ऐसा अभी लग रहा है।”
डिप्टी कलेक्टर नेहा सवाना ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मौत का कारण काम का तनाव नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिंकल अपने ज़ोन में सबसे बढ़िया काम करने वाली अधिकारियों में से एक थीं और उन्होंने अपने 45% लक्ष्य को पूरा कर लिया था।नेहा सवाना ने कहा, “उनको काम का कोई टेंशन नहीं था, क्योंकि उनके ज़ोन में वह सबसे बढ़िया काम करती थीं और 45% जितना कार्य वह पूरा कर चुकी थीं।” उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी बीएलओ को काम संबंधी कोई भी कठिनाई या दिक्कत आती है, तो वे तुरंत उच्च अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाता है।
यह मामला गैस गीजर के उपयोग में सुरक्षा मानकों और वेंटिलेशन की अनिवार्यता की ओर ध्यान आकर्षित करता है, विशेष रूप से बंद जगहों पर, जहाँ ज़हरीली गैस जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के असली कारण की पुष्टि हो सके।
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