Bangladesh Cricket
Bangladesh Cricket: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) इन दिनों बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक बदलावों के दौर से गुजर रहा है। इसी कड़ी में पूर्व दिग्गज क्रिकेटर हबीबुल बशर को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के नए सिलेक्शन पैनल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बशर का चयनकर्ताओं के रूप में अनुभव काफी पुराना और गहरा है। वे साल 2011 से 2024 तक लगातार नेशनल सिलेक्शन पैनल का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने फारूक अहमद, अकरम खान और मिन्हाजुल आबेदीन जैसे चीफ सिलेक्टरों के साथ मिलकर काम किया है। अब चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका बांग्लादेशी टीम के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है।
पदभार संभालने के ठीक बाद, 24 मार्च को हबीबुल बशर ने ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। अपनी नई पारी को लेकर वे काफी स्पष्ट और ईमानदार नजर आए। उन्होंने स्वीकार किया कि चयनकर्ता के तौर पर वे हर समय सही नहीं हो सकते क्योंकि वे भी एक इंसान हैं। बशर ने कहा, “मुझसे गलतियां हो सकती हैं, लेकिन जब भी मैं कोई फैसला लूंगा, वह पूरी तरह से ईमानदारी और दिल की आवाज पर आधारित होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वे आलोचनाओं से नहीं डरते और जानते हैं कि उनके फैसलों पर राय बंटी हुई हो सकती है, लेकिन उनका एकमात्र लक्ष्य बांग्लादेश क्रिकेट की बेहतरी होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सबसे बड़ा सवाल पूर्व कप्तान और स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की वापसी को लेकर पूछा गया। इस पर चीफ सिलेक्टर हबीबुल बशर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे आगामी न्यूजीलैंड सीरीज के लिए शाकिब के नाम पर फिलहाल विचार नहीं कर रहे हैं। शाकिब लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं और बशर का मानना है कि उन्हें मैदान पर उतरने से पहले पर्याप्त अभ्यास की जरूरत है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “शाकिब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो आज आएंगे और कल मैच खेलने उतर जाएंगे। उन्हें तैयारी की आवश्यकता है और यह कोई भावनात्मक फैसला नहीं बल्कि एक व्यावहारिक जरूरत है।”
हबीबुल बशर ने शाकिब अल हसन के भविष्य को लेकर अपनी दूरदर्शी सोच साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शाकिब को केवल एक या दो सीरीज के लिए टीम में नहीं देखना चाहते। बशर ने कहा, “अगर हमें शाकिब की सेवाएं लेनी हैं, तो हम चाहेंगे कि वह लंबे समय तक टीम के साथ रहें। मेरा मानना है कि उनके भीतर अभी दो साल का क्रिकेट और बचा है।” मुख्य चयनकर्ता चाहते हैं कि शाकिब एक लंबी तैयारी के साथ वापसी करें ताकि वे टीम के लिए फिर से वही प्रभाव पैदा कर सकें जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
नए चीफ सिलेक्टर के बयानों से यह साफ है कि अब बांग्लादेशी टीम में चयन का आधार केवल नाम या अनुभव नहीं, बल्कि वर्तमान फिटनेस और तैयारी होगी। न्यूजीलैंड सीरीज के लिए शाकिब को आराम देने या बाहर रखने का फैसला इसी दिशा में एक कदम है। बशर की अध्यक्षता वाली नई चयन समिति अब ‘लॉन्ग-टर्म’ विजन पर काम कर रही है, ताकि आने वाले आईसीसी टूर्नामेंटों के लिए एक संतुलित और मजबूत टीम तैयार की जा सके। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि बशर का यह अनुभव टीम इंडिया की तरह बांग्लादेश को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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