Hanspur Murder Case: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और उनके सहयोगियों द्वारा की गई बर्बर पिटाई के कारण एक बुजुर्ग आदिवासी ग्रामीण, राम नरेश उरांव की मौत हो गई। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब राजनीति गरमा गई है और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की NHRC से निष्पक्ष जांच की मांग
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस घटना को “मानवता पर कलंक” करार देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को एक औपचारिक पत्र लिखा है। महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हंसपुर गांव में एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया बल प्रयोग न केवल सत्ता का दुरुपयोग है, बल्कि मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। उन्होंने मांग की है कि एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया जाए जो इस जघन्य कृत्य के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाए और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो मिसाल बन सके।
टीएस सिंहदेव का समर्थन: “न्याय में देरी अन्याय के बराबर है”
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नेता प्रतिपक्ष की इस पहल का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि अगर प्रशासन ही आदिवासियों पर अत्याचार करने लगे, तो मूलनिवासियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि “न्याय में देरी अन्याय के बराबर है।” उन्होंने इस घटना को सिस्टम की विफलता बताते हुए कहा कि अवैध उत्खनन को प्रशासन का संरक्षण मिलना और विरोध करने वाले ग्रामीणों की जान लेना एक गंभीर अपराध है।
बाक्साइट के अवैध उत्खनन और विवाद की असली जड़
हंसपुर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से बाक्साइट के अवैध उत्खनन की खबरें आ रही थीं। जांच में यह पाया गया है कि जंगल के भीतर बड़ी मशीनें लगाकर अवैध माइनिंग की जा रही थी। इस अवैध धंधे में डाल्टेनगंज के राहुल जायसवाल का नाम सामने आया है, जिसके तार सीधे तौर पर जेल जा चुके एसडीएम से जुड़े बताए जा रहे हैं। ग्रामीण लंबे समय से इस अवैध खुदाई का विरोध कर रहे थे। रविवार को जब यह विवाद बढ़ा, तो एसडीएम और उनके गुर्गों ने बुजुर्ग राम नरेश उरांव (60 वर्ष) समेत तीन लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे राम नरेश की जान चली गई।
मार्मिक मंजर: पिता के अंतिम संस्कार में नहीं पहुँच सके दो बेटे
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मृतक राम नरेश उरांव के दो बेटे अपने पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके। मृतक के बेटे किशुन राम और संजय पिछले छह महीने से काम की तलाश में चेन्नई गए हुए थे। पिता की हत्या की खबर मिलते ही वे गाँव के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ता लंबा होने के कारण वे बुधवार रात ही घर पहुँच पाए, जबकि मंगलवार शाम को ही पिता का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। घर पहुँचते ही दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरा गाँव गमगीन है।
कांग्रेस की जांच कमेटी और आगामी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है, जो जल्द ही गाँव का दौरा करेगी। हालांकि पुलिस ने एसडीएम और उनके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश अभी थमा नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इस साजिश में शामिल अन्य रसूखदार लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे ताकि पीड़ित परिवार को उचित न्याय और मुआवजा मिल सके।


















