Harbhajan Singh statement : पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने युवा बल्लेबाज़ शुभमन गिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गिल कभी सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी या विराट कोहली नहीं बन सकते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह कम प्रतिभाशाली हैं। हरभजन के अनुसार, “हर खिलाड़ी का अपना स्वभाव और तरीका होता है। शुभमन को किसी की नकल करने की ज़रूरत नहीं है। उन्हें खुद में ही सर्वश्रेष्ठ बनना है।”
भज्जी ने आगे कहा कि शुभमन गिल में भारतीय टीम का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। “मैं ज़ोर देकर कहता हूं कि शुभमन आने वाले समय में न केवल टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे, बल्कि भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक भी ले जाएंगे।”
लॉर्ड्स में हार, अब मैनचेस्टर में ‘करो या मरो’ की स्थिति
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम सीरीज़ में 1-2 से पीछे हो गई है। अब मैनचेस्टर में होने वाला चौथा टेस्ट भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। अगर टीम इंडिया यह मैच हार जाती है तो एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के हाथों में चली जाएगी।
“टीम इंडिया को नतीजों से मत आंकिए” – हरभजन सिंह
हरभजन सिंह ने भारत की युवा टेस्ट टीम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी टीम का मूल्यांकन केवल नतीजों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह टीम युवा है और इसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने बर्मिंघम में अविश्वसनीय जीत दर्ज की थी। लॉर्ड्स में भी जीत के बहुत करीब थे। यह टीम इस दौरे से काफी कुछ सीखेगी, जो भविष्य में उनके काम आएगा।”
शुभमन गिल होंगे भविष्य के स्तंभ – भज्जी का विश्वास
इंग्लैंड सीरीज़ में शुभमन गिल की बल्लेबाज़ी और नेतृत्व की क्षमता पर हरभजन को पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, “गिल बड़े खिलाड़ी हैं। अगले कुछ सालों तक वह भारतीय टेस्ट टीम के आधार स्तंभ रहेंगे। बहुत कम भारतीय बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने इंग्लैंड में जाकर ऐसा प्रभाव छोड़ा है। शुभमन गिल की क्षमता पर कभी कोई शक नहीं रहा।”
चौथे टेस्ट की तैयारी, सीरीज़ में बने रहने की चुनौती
भारत को अब मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट में जीत दर्ज करनी होगी ताकि वे सीरीज़ में बराबरी कर सकें। यह मुकाबला 23 जुलाई से शुरू होगा और टीम इंडिया को वापसी करने के लिए अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। गिल और अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक और अवसर है खुद को साबित करने का। हरभजन सिंह ने शुभमन गिल को लेकर जो बयान दिया है, वह आलोचना नहीं बल्कि समर्थन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिल को किसी और जैसा बनने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनमें खुद में ही महान बनने की पूरी क्षमता है।