Heel Pain Alert
Heel Pain Alert: सुबह की शुरुआत ताजगी भरी होनी चाहिए, लेकिन कई लोगों के लिए यह कष्टदायक हो जाती है। जैसे ही वे बिस्तर से उतरकर जमीन पर पहला कदम रखते हैं, एड़ी में तेज चुभन या असहनीय दर्द महसूस होता है। अक्सर लोग इसे मामूली थकान समझकर टाल देते हैं, लेकिन यह पैरों की किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत हो सकता है। यह दर्द कुछ कदम चलने के बाद भले ही कम हो जाए, पर इसे नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर सुबह के समय ही एड़ियां क्यों जवाब देने लगती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हेल्थ वेबसाइट ‘हेल्थलाइन’ के अनुसार, सुबह एड़ी में होने वाले दर्द की सबसे बड़ी वजह ‘प्लांटर फैसाइटिस’ है। हमारे पैर के तलवे में एक मोटा ऊतक (लिगामेंट) होता है जो एड़ी को पैरों की उंगलियों से जोड़ता है। जब इस लिगामेंट में सूजन आ जाती है, तो यह तेज दर्द का कारण बनता है। रात भर सोते समय जब पैर आराम की मुद्रा में होते हैं, तो इस हिस्से में रक्त का संचार धीमा पड़ जाता है। सुबह उठते ही जब अचानक शरीर का पूरा भार पैरों पर पड़ता है, तो संकुचित लिगामेंट में खिंचाव आता है, जिससे तेज चुभन महसूस होती है।
एड़ी के दर्द का एक और गंभीर कारण ‘एचिलीस टेंडिनाइटिस’ हो सकता है। यह वह नस है जो आपकी पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी की हड्डी से जोड़ती है। धावकों या अधिक शारीरिक श्रम करने वाले लोगों में इसमें सूजन आ जाती है, जिससे न केवल सुबह बल्कि दिन भर भी दर्द बना रह सकता है। इसके अलावा, रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम जोड़ों पर हमला करने लगता है, जिससे एड़ी में जकड़न और सूजन बढ़ जाती है।
यदि आपकी एड़ी का दर्द समय के साथ कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है, तो यह ‘स्ट्रेस फ्रैक्चर’ का संकेत हो सकता है। हड्डियों पर लगातार दबाव या गलत तरीके से व्यायाम करने से हड्डी में बाल जैसी बारीक दरार आ जाती है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक है। चौंकाने वाली बात यह है कि थायरॉयड (हाइपोथायरॉयडिज्म) की समस्या भी एड़ी के दर्द से जुड़ी हो सकती है। हार्मोनल असंतुलन के कारण शरीर के ऊतकों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों और एड़ियों में सूजन आती है और सुबह उठना दूभर हो जाता है।
अगर दर्द शुरुआती स्तर पर है, तो कुछ घरेलू उपायों से राहत पाई जा सकती है:
बर्फ की सिकाई: दिन में दो से तीन बार एड़ियों पर बर्फ मलने से सूजन कम होती है।
स्ट्रेचिंग: बिस्तर से उतरने से पहले अपने पंजों को धीरे-धीरे घुमाएं और पैरों का व्यायाम करें।
सही फुटवियर: बहुत चपटे या सख्त तलवे वाले जूते पहनने से बचें।
वजन नियंत्रण: शरीर का बढ़ा हुआ वजन एड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, इसे संतुलित रखें।
हालांकि घरेलू उपचार मददगार हो सकते हैं, लेकिन यदि दर्द हफ्तों तक बना रहे, एड़ी में लाली या गर्माहट महसूस हो, या चलने में बहुत ज्यादा कठिनाई होने लगे, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ (पॉडियट्रिस्ट या ऑर्थोपेडिक) से संपर्क करना चाहिए। याद रखें, एड़ी का यह मामूली दिखने वाला दर्द किसी गंभीर आंतरिक समस्या का अलार्म हो सकता है। सही समय पर जांच और फिजियोथेरेपी आपको एक दर्दमुक्त और सक्रिय जीवन दे सकती है। अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें और शरीर के इन छोटे संकेतों को हल्के में न लें।
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