High Blood Sugar Symptoms : आज के समय में डायबिटीज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो गई है। ब्लड शुगर का स्तर सामान्य सीमा से ऊपर जाने पर शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। परेशानी यह है कि शुरुआती लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में हाई ब्लड शुगर के संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
डॉक्टर ने बताए हाई ब्लड शुगर के पांच प्रमुख संकेत
अमेरिका स्थित एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद ने 5 सितंबर को इंस्टाग्राम पर हाई ब्लड शुगर से जुड़े पांच चेतावनी संकेत साझा किए। उनके मुताबिक, शरीर में लगातार बढ़ा हुआ ग्लूकोज़ कई सामान्य दिखने वाली समस्याओं की वजह बन सकता है। इनमें बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, धुंधला दिखाई देना, चोट का देर से भरना और बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होना प्रमुख हैं।
बार-बार और ज्यादा पेशाब आना
ब्लड ग्लूकोज़ बहुत अधिक बढ़ने पर किडनी फिल्टर किए गए पूरे ग्लूकोज़ को दोबारा अवशोषित नहीं कर पाती। अतिरिक्त ग्लूकोज़ पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकलने लगता है। ग्लूकोज़ अपने साथ पानी भी खींचता है, जिससे ऑस्मोटिक डाययूरिसिस की स्थिति बन सकती है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को सामान्य से अधिक मात्रा में और बार-बार पेशाब आने की समस्या महसूस हो सकती है। अगर यह बदलाव लगातार बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार प्यास लगना और मुंह सूखना
ज्यादा पेशाब आने के कारण शरीर से पानी की मात्रा भी तेजी से कम हो सकती है। इससे डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा होने लगती है और व्यक्ति को बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है। कई बार पानी पीने के बावजूद प्यास पूरी तरह शांत नहीं होती। लगातार मुंह सूखना या असामान्य रूप से ज्यादा प्यास लगना हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।
धुंधला दिखाई देना या नजर में बदलाव
हाई ब्लड शुगर का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ने पर आंख के लेंस में पानी का संतुलन और उसकी फोकस करने की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है। इसके कारण नजर कभी साफ तो कभी धुंधली दिखाई दे सकती है। लंबे समय तक हाइपरग्लाइसेमिया रहने पर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएं गंभीर हो सकती हैं।
चोट और घाव का देर से भरना
डायबिटीज में लगातार बढ़ा हुआ ग्लूकोज़ शरीर की घाव भरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। हाई शुगर रक्त संचार, इम्यून सेल्स की कार्यक्षमता, कोलेजन उत्पादन और नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, डायबिटीज से नसों को नुकसान होने पर चोट या घाव का समय पर पता भी नहीं चल पाता। इससे घाव बढ़ सकता है या बार-बार खुलने की समस्या हो सकती है।
बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होना
हाई ब्लड शुगर के कारण बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होने की समस्या भी देखी जा सकती है। जब अतिरिक्त ग्लूकोज़ पेशाब में मौजूद रहता है, तो यह कैंडिडा जैसे फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण बना सकता है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। इससे यीस्ट इन्फेक्शन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है और बार-बार संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है।
लक्षण दिखें तो ब्लड शुगर की जांच जरूरी
बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, नजर में बदलाव, घाव का देर से भरना या बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होना हमेशा डायबिटीज का निश्चित प्रमाण नहीं है। हालांकि, ऐसे लक्षण लगातार दिखाई दें तो ब्लड शुगर की जांच कराना उचित है। समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह से हाई ब्लड शुगर की स्थिति को समझने और आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है। खासकर डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से अपने ग्लूकोज़ स्तर की निगरानी करनी चाहिए।
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