Himalayan Vulture Singapore
Himalayan Vulture Singapore: प्रकृति के रहस्यों और पक्षियों के प्रवास की अद्भुत यात्रा के बीच सिंगापुर से एक सुखद खबर सामने आई है। यहाँ के एक व्यस्त हाईवे पर एक दुर्लभ ‘हिमालयी गिद्ध’ (Himalayan Griffon Vulture) को अत्यंत दयनीय स्थिति में पाया गया। ‘एनिमल्स कंसर्न्स रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी’ (ACRES) नामक पशु कल्याण समूह ने इस विशालकाय पक्षी को रेस्क्यू किया है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के अनुसार, इस प्रजाति को ‘खतरे के करीब’ (Near Threatened) श्रेणी में रखा गया है। यह प्रवासी पक्षी अपने घर यानी हिमालय से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर के हाईवे पर थकावट और कमजोरी के कारण गिर गया था।
11 जनवरी की दोपहर को एंकर्स (ACRES) को एक जागरूक नागरिक का फोन आया, जिसने हाईवे पर एक विशाल पक्षी को असहाय हालत में देखा था। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कलाई वनन बालकृष्णन ने बताया कि उनकी तीन सदस्यीय बचाव टीम तुरंत मौके पर पहुंची। गिद्ध उस समय हाईवे पर भटकने के बाद पास की एक नहर में फंस गया था। शुरुआती जांच में पता चला कि लंबी उड़ान और भीषण गर्मी के कारण पक्षी गंभीर ‘डिहाइड्रेशन’ और थकावट का शिकार था। वर्तमान में, गिद्ध वेटनरी टीम की विशेष देखरेख में है, जहाँ उसे ग्लूकोज और आवश्यक पोषक तत्व दिए जा रहे हैं ताकि वह पुनः उड़ान भरने के काबिल हो सके।
हिमालयी गिद्ध दुनिया के सबसे बड़े और भारी पक्षियों में से एक माने जाते हैं। इनके पंखों का फैलाव (Wingspan) लगभग 2.5 मीटर से 3 मीटर तक होता है, जो इन्हें आकाश में घंटों तक बिना पंख फड़फड़ाए तैरने में मदद करता है। इनका वजन 12 किलोग्राम तक हो सकता है। भूरे शरीर, सफेद गर्दन और कंधों पर विशिष्ट धारियों वाले ये गिद्ध आमतौर पर हिमालय के ऊंचे पहाड़ों (तकरीबन 1200 से 5500 मीटर की ऊंचाई) पर पाए जाते हैं। सिंगापुर जैसे उष्णकटिबंधीय देश में इनका दिखना किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि यह इलाका इनके सामान्य प्रवास मार्ग का हिस्सा नहीं है।
बर्ड सोसाइटी ऑफ सिंगापुर के आंकड़ों के अनुसार, हिमालयी गिद्धों का दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर प्रवास आमतौर पर थाईलैंड और म्यांमार तक ही सीमित रहता है। सिंगापुर में इनके दिखने का सबसे पुराना रिकॉर्ड दिसंबर 1989 का है। हाल के वर्षों में फरवरी 2025 में भी इन्हें देखा गया था। विशेष बात यह है कि इसी साल 4 और 5 जनवरी को सिंगापुर के आसमान में हिमालयी गिद्धों का एक छोटा झुंड देखा गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बचाई गई प्रजाति उसी झुंड का हिस्सा हो सकती है, जो दिशा भ्रम या शारीरिक कमजोरी के कारण अपने साथियों से बिछड़ गया।
सिंगापुर भले ही एक आधुनिक शहरी राष्ट्र है, लेकिन हाल के वर्षों में यहाँ ऊदबिलाव (Otters), जंगली सुअर और हिरण जैसे जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी है। एंकर्स (ACRES) और स्थानीय अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़ न करें और उनके प्रति सहानुभूति रखें। इस गिद्ध का सफल रेस्क्यू यह दर्शाता है कि शहरी विकास के बीच भी हम प्रकृति के इन अनमोल जीवों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। टीम का लक्ष्य है कि जैसे ही यह गिद्ध पूरी तरह स्वस्थ होगा, इसे वापस प्रकृति की गोद में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
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