Himanta Sarma Rahul Gandhi : चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका दाखिल करने से पहले कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने मार्च निकालकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी है।
राहुल गांधी के सामने क्या प्रस्ताव रखा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यदि राहुल गांधी केरल में कांग्रेस की सरकार छोड़ने के लिए तैयार हों, तो वह असम में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। सरमा ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी अपनी दोनों सरकारों से इस्तीफा दिलाए और इसके बाद असम की सभी विधानसभा सीटों पर नए सिरे से चुनाव कराए जाएं। उनके बयान का केंद्र चुनाव प्रक्रिया और बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां रहीं।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर राजनीतिक बहस
हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने प्रस्ताव को एक मानक स्थापित करने की कोशिश के रूप में पेश किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह सांसद पद से इस्तीफा देकर आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उनके बयान में रखी गई शर्तों पर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आएगी और क्या इस प्रस्ताव को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक कदम उठाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल, यह बयान विपक्ष और भाजपा के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज करता दिखाई दे रहा है।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्ति
विपक्षी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य नेताओं की याचिका चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया से संबंधित है। याचिका दाखिल करने से पहले विपक्षी नेताओं ने मार्च निकाला, जिसके जरिए उन्होंने अपने विरोध को सामने रखा। SIR को लेकर विपक्ष की चिंताओं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों के बीच अब अदालत में होने वाली कार्यवाही पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। याचिका में उठाए गए मुद्दों और अदालत के फैसले को लेकर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन पर भी सरमा का हमला
असम के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास प्रदर्शन के लिए पर्याप्त लोग नहीं थे और पार्टी को भीड़ जुटाने के लिए असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को बुलाना पड़ा। सरमा ने इस आरोप के जरिए कांग्रेस के संगठन और उसके विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर सवाल उठाए। हालांकि, प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या और उन्हें विभिन्न राज्यों से जुटाए जाने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कांग्रेस-भाजपा के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत
SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसे मुद्दे अब राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। एक तरफ विपक्ष ने याचिका के जरिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है, तो दूसरी तरफ हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के सामने राजनीतिक चुनौती रखी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया, अदालत की कार्यवाही और चुनाव प्रक्रिया पर नेताओं के बयान इस विवाद की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं।
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