INDIA Bloc Press Conference : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर हुई हाई-टी बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मतदाता सूची, कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देश के संस्थानों पर लगातार हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
राहुल गांधी बोले—वोट चोरी के खिलाफ आगे भी उठाएंगे कदम
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन लोगों को धन्यवाद दिया, जो विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि आम लोगों के समर्थन के बिना लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर इतना बड़ा आंदोलन संभव नहीं होता। राहुल गांधी के मुताबिक, यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों पर वोट चोरी में शामिल होने के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग जारी रहेगी। उन्होंने मीडिया का भी आभार जताया और कहा कि विपक्ष आने वाले समय में कई और कदम उठाएगा। हालांकि, उन्होंने भविष्य की रणनीति का खुलासा करने से इनकार किया और कुछ योजनाओं को अभी गोपनीय रखने की बात कही।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित चुनावी प्लान का पर्दाफाश करना चाहता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है। इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
तेजस्वी यादव बोले—लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट विपक्ष
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी ने भी INDIA गठबंधन के साथ खड़े रहने की बात कही। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाना जरूरी है।
प्रशांत भूषण ने प्रदर्शन को बताया संवैधानिक अधिकार
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि सिविल सोसायटी के कई प्रतिनिधि विपक्ष के साथ हैं और आने वाले समय में इस मुद्दे पर अधिक लोगों का समर्थन मिल सकता है। विपक्षी नेताओं ने अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा अभियान बताया।
सागरिका घोष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन के साथ है। उन्होंने हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार में कथित वोट चोरी के आरोप लगाए। घोष ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसका इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये विपक्षी नेता के आरोप हैं; इनकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जवाबों को देखना जरूरी है।
संजय राउत और छात्र प्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। वहीं, छात्र प्रतिनिधि नेहा बोरा ने कहा कि छात्र संगठन लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के साथ हैं। उन्होंने बीजेपी पर संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगाया और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष ने संकेत दिया कि वह संसद, न्यायालय और सार्वजनिक प्रदर्शनों के जरिए इन मुद्दों को उठाता रहेगा।
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