Train Cancelled: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर मंडल में बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। झारसुगुड़ा सेक्शन में हावड़ा-मुंबई मुख्य लाइन पर चौथी लाइन बिछाने का महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना और भविष्य में ट्रेनों की गति में सुधार करना है। इसी कड़ी में अकलतरा स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और नई बिछाई गई चौथी लाइन की कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों के कारण मुख्य रूट पर ट्रेनों के परिचालन में बदलाव करना अनिवार्य हो गया है।
31 मार्च से 11 अप्रैल तक 13 महत्वपूर्ण ट्रेनें रहेंगी रद्द
यार्ड रिमॉडलिंग और चौथी लाइन के जुड़ाव कार्य के कारण हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर चलने वाली कुल 13 प्रमुख ट्रेनों को अस्थाई रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवधान 31 मार्च से शुरू होकर 11 अप्रैल तक, यानी कुल 12 दिनों तक बना रहेगा। रेलवे के इस फैसले का सीधा असर लंबी दूरी और स्थानीय स्तर पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ेगा। गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत और त्योहारों के सीजन के बीच अचानक ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की पूर्व नियोजित यात्राएं प्रभावित हो सकती हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिलों के यात्रियों की बढ़ेगी मुसीबत
ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़ के बड़े औद्योगिक और रिहायशी जिलों में आवाजाही करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर और कोरबा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से गुजरने वाली गाड़ियाँ इस ब्लॉक की चपेट में आई हैं। इन जिलों के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों के लिए अब वैकल्पिक साधनों की तलाश करना एक बड़ी चुनौती होगी। विशेष रूप से कोरबा और बिलासपुर के बीच चलने वाली गाड़ियों के बंद होने से कोयलांचल क्षेत्र के यात्रियों को अधिक परेशानी होने की आशंका है।
नागपुर मंडल में भी चल रहा है ब्लॉक: गोंदिया में निर्माण कार्य तेज
सिर्फ बिलासपुर मंडल ही नहीं, बल्कि नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन पर भी रेल सुविधाओं के उन्नयन का कार्य जारी है। यहाँ ‘वॉशेबल एप्रन’ बनाने का काम निर्धारित समय से पहले पूरा करने की योजना है, ताकि स्टेशनों पर स्वच्छता और रखरखाव को बेहतर बनाया जा सके। इसी निर्माण कार्य के मद्देनजर रेलवे ने पहले ही छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 10 अन्य ट्रेनों को रद्द कर दिया था। इस प्रकार, राज्य के विभिन्न हिस्सों से गुजरने वाली ट्रेनों पर दोहरे ब्लॉक का असर देखने को मिल रहा है, जिससे रेल नेटवर्क पूरी तरह दबाव में है।
मेमू पैसेंजर ट्रेनों पर भी गाज: स्थानीय रेल सेवा हुई ठप
रद्द की गई गाड़ियों की सूची में केवल लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें ही शामिल नहीं हैं, बल्कि आम जनता की लाइफलाइन कही जाने वाली मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेनें भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर कम किराए में सफर करने वाले यात्रियों के लिए मेमू ट्रेनें सबसे सुलभ साधन होती हैं। इन ट्रेनों के बंद होने से छोटे स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी टूट गई है। रेलवे का कहना है कि ये निर्माण कार्य भविष्य की सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए यात्रियों को इस अस्थाई असुविधा को सहना होगा।
यात्री पोर्टल और पूछताछ केंद्र से लें अपडेट
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ट्रेनों की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लें। स्टेशन पर लगे पूछताछ काउंटरों से भी रद्द ट्रेनों की सूची प्राप्त की जा सकती है। रिफंड की प्रक्रिया के बारे में रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने ऑनलाइन टिकट बुक किए हैं, उनका पैसा नियमानुसार स्वतः वापस आ जाएगा, जबकि काउंटर टिकट वाले यात्रियों को निर्धारित खिड़की पर जाकर रिफंड लेना होगा।
















