IAF Sukhoi Crash: असम के पहाड़ी जिले कार्बी आंगलोंग से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है। बीती रात भारतीय वायुसेना का एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई Su-30MKI नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब विमान अपनी निर्धारित गश्त पर था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आसमान में एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई, जिसके बाद विमान का मलबा घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बिखर गया। वायुसेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।
देश के दो वीर सपूतों का सर्वोच्च बलिदान
इस भीषण हादसे में भारतीय वायुसेना ने अपने दो अत्यंत कुशल और होनहार अधिकारियों को खो दिया है। शहीद हुए पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के रूप में की गई है। इन दोनों अधिकारियों ने अंतिम समय तक विमान को रिहाइशी इलाके से दूर ले जाने और उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन अंततः मातृभूमि की सेवा करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
दुर्गम इलाके में बचाव और खोज अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही वायुसेना के बचाव दल और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। कार्बी आंगलोंग का इलाका अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है, जिसके कारण मलबे तक पहुँचने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रात के अंधेरे और खराब मौसम ने भी बचाव कार्यों में बाधा डाली। अंततः तलाशी अभियान के दौरान विमान का मलबा मिला और दोनों पायलटों के पार्थिव शरीर बरामद किए गए। वायुसेना ने शहीद जांबाजों के परिवारों को सूचित कर दिया है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश
सुखोई Su-30MKI जैसे विश्वसनीय और शक्तिशाली लड़ाकू विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना रक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है। भारतीय वायुसेना ने इस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (उच्च स्तरीय जांच) के आदेश दे दिए हैं। जांच दल इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर प्रतिकूल मौसम की स्थिति इसके लिए जिम्मेदार थी। विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ की तलाश की जा रही है, जिससे दुर्घटना के अंतिम क्षणों का डेटा प्राप्त किया जा सके।
सुखोई Su-30MKI: वायुसेना की रीढ़
सुखोई Su-30MKI भारतीय वायुसेना का सबसे प्रमुख और बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। रूस के सहयोग से विकसित यह विमान अपनी गति, मारक क्षमता और ‘सुपर-मैनुवरेबिलिटी’ के लिए जाना जाता है। इस तरह के हादसों से न केवल एक कीमती संसाधन की हानि होती है, बल्कि देश अपने बेहतरीन प्रशिक्षित योद्धाओं को भी खो देता है। स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश जैसे जांबाज अधिकारियों की कमी को पूरा करना असंभव है। उनकी वीरता और सेवा को राष्ट्र हमेशा नमन करेगा।
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