IAS Transfer: छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रदेश सरकार जल्द ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले की एक नई सूची जारी करने की तैयारी में है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक यानी 31 जनवरी तक कई जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया जा सकता है। यह फेरबदल न केवल प्रशासनिक कसावट लाने के लिए किया जा रहा है, बल्कि रिक्त पदों को भरने के लिए भी यह अनिवार्य हो गया है। इस संभावित सूची को लेकर सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दो कलेक्टर्स की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति ने बनाया तबादलों का आधार
इस ताजा फेरबदल का मुख्य कारण हाल ही में दो जिला कलेक्टरों का केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जाना है। भारत सरकार ने 2011 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर दीपक सोनी को केंद्र में नई जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ ही बस्तर जैसे महत्वपूर्ण जिले के कलेक्टर एस. हरीश को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों अधिकारियों के रिलीव होने के आदेश जारी हो चुके हैं, जिसके बाद इन दोनों ही जिलों में कलेक्टर के पद रिक्त होने वाले हैं। राज्य सरकार के लिए इन महत्वपूर्ण जिलों में नए और अनुभवी अधिकारियों की तैनाती करना अब पहली प्राथमिकता है।
बस्तर और बलौदाबाजार समेत कई जिलों पर गिरेगी गाज
हालांकि यह तबादला प्रक्रिया बस्तर और बलौदाबाजार में रिक्तियों को भरने के लिए शुरू हो रही है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार इस अवसर का उपयोग अन्य जिलों के कलेक्टरों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए भी करेगी। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि सरकार कुछ अन्य जिलों के कलेक्टरों के कामकाज से असंतुष्ट है, जिन्हें हटाया जा सकता है। साथ ही, कुछ जूनियर आईएएस अधिकारियों को कलेक्टरी की कमान सौंपकर नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे यह स्पष्ट है कि आगामी सूची केवल दो जिलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें प्रदेश के कई संभाग प्रभावित होंगे।
दिसंबर के बदलावों के बाद जनवरी में फिर बड़ी सर्जरी
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले महीने यानी दिसंबर में भी एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखा गया था। उस दौरान राज्य सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे, जिनमें 7 जिलों के कलेक्टर बदले गए थे। मात्र एक महीने के भीतर दोबारा इतनी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा ने सभी को चौंका दिया है। सरकार की कोशिश है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों और आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन से पहले एक मजबूत और विश्वसनीय टीम को जिलों में तैनात किया जाए।
जनवरी के अंत तक जारी हो सकती है आधिकारिक सूची
मुख्यमंत्री कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में अधिकारियों के नामों पर मंथन का दौर अंतिम चरण में है। बताया जा रहा है कि नई सूची में उन अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका ट्रैक रिकॉर्ड कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर रहा है। अधिकारियों के रिलीव होने की प्रक्रिया शुरू होते ही, सरकार किसी भी वक्त आदेश की फाइल पर मुहर लगा सकती है। संभावना जताई जा रही है कि गणतंत्र दिवस के ठीक बाद या महीने की आखिरी तारीख तक नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया जाएगा।
















