ICC Super League: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) एक बार फिर 50 ओवर के फॉर्मेट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। टी20 लीग्स के बढ़ते प्रभाव और टेस्ट मैचों के बीच वनडे फॉर्मेट की लोकप्रियता में गिरावट के बाद अब आईसीसी की नजर इस पारंपरिक प्रारूप को फिर से जीवंत करने पर है। इसी उद्देश्य से, आईसीसी 2023 वर्ल्ड कप के बाद बंद की गई वनडे सुपर लीग (ODI Super League) को दोबारा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इस लीग को लेकर चर्चाएं तेज हैं और संभावना है कि इसका नया संस्करण साल 2028 से शुरू किया जा सकता है।
ICC Super League: दोबारा शुरू होगी वनडे सुपर लीग
वनडे सुपर लीग को पहली बार जुलाई 2020 में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य 50 ओवर के मैचों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और छोटे क्रिकेट देशों को बड़े देशों के खिलाफ खेलने के अवसर प्रदान करना था। हालांकि, व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और लगातार बढ़ती टी20 लीग्स के कारण इस लीग को 2023 वर्ल्ड कप के बाद बंद कर दिया गया था। अब खबरें हैं कि आईसीसी इसे नई संरचना और कुछ बदलावों के साथ फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है।रिपोर्ट्स के अनुसार, न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर रोजर टूज की अध्यक्षता में बने एक विशेष समूह ने आईसीसी बोर्ड और चीफ एग्जिक्यूटिव कमिटी को इस प्रस्ताव की जानकारी दी है। समूह का मानना है कि सुपर लीग वनडे फॉर्मेट को फिर से लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
ICC Super League: 13 टीमों की लीग से शुरू हुई थी पहल
साल 2020 में शुरू हुई वनडे सुपर लीग में कुल 13 टीमें शामिल थीं। इनमें 12 फुल-मेंबर देशों के साथ एक एसोसिएट टीम (नीदरलैंड्स) को जगह मिली थी। हर टीम को आठ अन्य टीमों के खिलाफ तीन-तीन वनडे मैच खेलने थे जिनमें चार सीरीज घरेलू मैदान पर और चार विदेशों में होती थीं। इस तरह प्रत्येक टीम कुल 24 मैच खेलती थी, जिनके आधार पर अंक तालिका तैयार की जाती थी।इन अंकों के जरिए तय किया जाता था कि कौन सी टीमें अगले वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगी। इस प्रणाली से न केवल टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, बल्कि छोटे देशों को मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव भी मिला।
छोटे देशों को मिला बड़ा मंच
वनडे सुपर लीग के सबसे बड़े फायदों में से एक यह था कि इसने रैंकिंग में निचले पायदान पर मौजूद टीमों को शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का मौका दिया। इससे उन्हें अनुभव हासिल करने और अपने प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर मिला। क्रिकेट जैसे खेल में जहां बड़ी टीमों के बीच सीरीज आम बात है, वहीं छोटे देशों के पास अक्सर खेलने के मौके कम होते हैं। सुपर लीग ने इस असमानता को काफी हद तक कम किया।एक आईसीसी एडमिनिस्ट्रेटर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत में कहा, “शायद समस्या यह नहीं है कि वनडे फॉर्मेट खत्म हो गया है, बल्कि असली चुनौती है इसके लिए सही ढांचे की तलाश करना।” यह बयान इस ओर इशारा करता है कि आईसीसी अब इस फॉर्मेट को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक ढालने की कोशिश कर रही है।
नए संस्करण में हो सकते हैं बदलाव
2028 से शुरू होने वाली संभावित नई सुपर लीग में टीमों की संख्या और टूर्नामेंट की संरचना में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। अब तक यह तय नहीं हुआ है कि इसमें कितनी टीमें भाग लेंगी और इसका नया फॉर्मेट क्या होगा। लेकिन इतना तय है कि आईसीसी वनडे क्रिकेट को फिर से आकर्षक और प्रासंगिक बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के मूड में है।साथ ही, लीग के बाहर भी टीमें आपस में द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेलती रहेंगी। कई बार टीमें चार या पांच मैचों की सीरीज भी खेल सकती हैं, हालांकि सुपर लीग के अंकों के लिए केवल तीन मैचों को ही गिना जाएगा।
वनडे सुपर लीग का पुनरारंभ
वनडे सुपर लीग का पुनरारंभ न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के ढांचे को संतुलित करेगा, बल्कि छोटे देशों के लिए विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। आईसीसी की यह पहल 50 ओवर के क्रिकेट को फिर से उसकी पुरानी गरिमा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो 2028 से एक बार फिर वनडे सुपर लीग क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचक मुकाबले देखने का मौका देगी और वनडे फॉर्मेट को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।