Ambikapur News : भारतीय जनता पार्टी सदैव पारदर्शिता, सुशासन और जनहितैषी सुधारों की पक्षधर रही है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने जीएसटी से लेकर आयकर तक अनेक ऐतिहासिक सुधार कर देश–प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों के दौरान राजस्व एवं पंजीयन विभाग में कई बड़े, तकनीकी और जनहितैषी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता को राहत देना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और फॉर्मल इकॉनॉमी को मजबूत करना है। यह बात आज प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष, पूर्व भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कही।
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आर्थिक सुधारों की श्रृंखला में गाइडलाइन दरों को युक्तिसंगत बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस द्वारा इसका विरोध यह दर्शाता है कि वह आज भी काले धन की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पहले जमीन की वास्तविक बाजार कीमत और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर होने से सबसे अधिक परेशानी ईमानदार और मध्यमवर्गीय नागरिकों को होती थी। वास्तविक कीमत पर रजिस्ट्री न होने के कारण उन्हें समुचित होम लोन नहीं मिल पाता था। अब गाइडलाइन दरों के युक्तिसंगत होने से वास्तविक लेन-देन दर्ज होगा, काले धन पर प्रभावी रोक लगेगी और आम जनता को भूमि की वास्तविक कीमत पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व में कम गाइडलाइन दरों के कारण रजिस्ट्री केवल गाइडलाइन मूल्य पर होती थी और शेष राशि नकद में दी जाती थी। अब केवल गाइडलाइन मूल्य पर ही पंजीयन शुल्क लेने की व्यवस्था से फर्जीवाड़ा रुकेगा और फॉर्मल इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी।
श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने गाइडलाइन दरें बढ़ाने के बजाय लगभग 30 प्रतिशत तक घटाईं, ताकि कोयला, शराब, पीएससी, महादेव ऐप, धान, डीएमएफ जैसे घोटालों से अर्जित काले धन को जमीन में खपाया जा सके। ईडी की जांच में कांग्रेस नेताओं द्वारा हजारों एकड़ भूमि में निवेश की पुष्टि हुई है और अब उन संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर और हेक्टेयर दरों के बीच 5 से 20 गुना के अंतर के कारण भारतमाला, एनटीपीसी, उरगा–कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य परियोजनाओं में बड़े घोटाले हुए। अब वर्गमीटर दर हटने से इस प्रकार के घोटालों की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
कानून के अनुसार हर वर्ष गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण आवश्यक है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 2017–18 के बाद यह नहीं हुआ था। इस अवधि में बाजार मूल्य 2 से 5 गुना तक बढ़ गया था। अब यह सुधार कर “ब्लैक मनी स्पॉट” की छवि को समाप्त किया जा रहा है।
प्रदेश में ऑनलाइन नकल-सर्च, आधार सत्यापन, सुगम एप, स्वतः नामांतरण, परिवार में हकत्याग/बटवारा मात्र ₹500 शुल्क, व्हाट्सएप पर अपडेट व दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनी है। 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट कार्यालयों में बदला जा रहा है।
अंत में संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सुधार करना है। यदि सुधारों से ₹200–400 करोड़ की कमी भी होती है, तब भी सरकार जनहित और पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कांग्रेस को इस गंभीर जनसुधार के विषय पर सस्ती राजनीति से बचना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान विकास वर्मा, मयंक जायसवाल, संजीव वर्मा, मनोज प्रसाद सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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